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Why is my left eye twitching : आंखों का फड़कना वैसे तो बहुत आम बात होती है। दरअसल, कई बार आपने महसूस किया होगा कि आपकी आंखें फड़क रही है। जहां कुछ लोग इसे शुभ और अशुभ घटना होने के संकेत के रूप में मानते हैं, तो कुछ इसे शरीर कीजैविक क्रिया के तौर पर मानते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आंखों का फड़कना आपके शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी को दर्शाती है। मेडिकली देखा जाए, तो आंखों के फड़कने की इस स्थिति को मायोकिमिया के रूप में जाना जाता है। इस स्थिति में पलक की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। खैर, इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं आंख किन पोषक तत्वों की कमी की वजह से फड़कती हैं।
जिन लोगों की आंख फड़कती हैं, उनमें मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। दरअसल, मैग्नीशियम मांसपेशियों के संकुचन और तंत्रिका कार्य को कंट्रोल करने में मदद करती है। ऐसे में जब आपकी बॉडी में मैग्नीशियम की कमी होने लगती है, तो आंखों की मांसपेशियां बहुत ज्यादा एक्टिव या उत्तेजित हो सकती हैं, जिससे आंखों में फड़कन हो सकती है। अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो रही है, इसके कुछ संकेत होते हैं, जिनमें थकान, ऐंठन, दिल की धड़कनों का अनियमित होना शामिल है। मैग्नीशियम की पूर्ति के लिए आप अपनी डाइट में पालक, बादाम, एवोकाडो, केले और साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं।
अगर आपको बहुत ज्यादा तनाव है, तो भी आपकी आंखें फड़क सकती हैं। दरअसल, मानसिक रूप से परेशान होना या फिर ज्यादा थके होने की वजह से तंत्रिका तंत्र कार्टिसोल को छोड़ता है, जिसे तनाव हार्मोन भी कहा जाता है। इससे चेहरे की नसें बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती है, जिससे आंखों का फड़कना शुरू हो जाता है। तनाव से राहत पाने के लिए आप मेडिटेशन या फिर योग आदि कर सकते हैं।
आजकल के समय में स्क्रीन से दूर रहनाकाफी मुश्किल है, क्योंकि ज्यादातर काम लैपटॉप या कंप्यूटर के जरिए किए जाते हैं। अगर आप इनसे बचते हैं, तो फोन हाथ में आ जाता है। ऐसे में स्क्रीन पर लगातार आंखों के टिके होने की वजह से मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा एक्टिव होती है, जो आंखों पर असर जरूर डालती है। इससे भी आंखों में फड़कन हो सकती है। इस समस्या से राहत पाने के लिए 20-20-20 नियम का पालन करें। मतलब हर 20 मिनट में, 20 सेकंड के लिए 20 फ़ीट दूर किसी चीज़ को देखें। या फिर हर एक घंटे स्क्रीन से ब्रेक लें।
आजकल ज्यादातर लोग चाय का सेवन करते हैं, वहीं अल्कोहल का सेवन भी फैशन बन गया है। ऐसे में जो लोग बहुत ज्यादा चाय या फिर शराब पीते हैं, उनमें भी आंखों के फड़कने की समस्या हो सकती है, क्योंकि ज्यादा शराब और कैफीन का सेवन तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर सकता है, जिससे आंख फड़क सकती है।
आंखों के फड़कने का एक कारण सूखी आंखें या फिर एलर्जी भी हो सकती है। दरअसल, आंखों के सूखेपन के करण मांसपेशियों की नसों पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है। जो इस समस्या का कारण बनता है। ऐसे में अगर आप कॉन्टैक्स लैंस पहनते हैं, तो आंखों की नमी को बनाए रखने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। वहीं, अगर आपको एलर्जी है, तो इसके लिए डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।