तेजी से बढ़ रहा है इन 6 प्रकार के कैंसर का खतरा! एक्सपर्ट से जानिए बचाव के उपाय

IARC की एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल के में एक बार कैंसर का अनुभव करेगा। 9 में से 1 पुरुष और 12 में से 1 महिला इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

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Written By: Atul Modi | Updated : June 11, 2024 9:01 AM IST

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कैंसर की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पुरुष और महिला दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन अभी भी इसके अधिकांस मामलों से विशेषज्ञ भी अंजान हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को कई ऐसे मुंह के कैंसर के मरीज मिलते हैं, जिनका तंबाकू सेवन का कोई इतिहास नहीं है। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित कई ऐसे पेसेंट हैं, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। इसके अलावा कम उम्र में ही आंतों के कैंसर के मामले आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल के में एक बार कैंसर का अनुभव करेगा। 9 में से 1 पुरुष और 12 में से 1 महिला इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

एक इंटरव्यू में डॉ अमन रस्तोगी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट (वैलेंटिस कैंसर अस्पताल, मेरठ) ने बताया कि, कई लोगों को इन तथ्यों को लेकर संदेह है कि ऐसा क्यों हो रहा है? इसके पीछे क्या कारण हैं? हम इसे कैसे रोक सकते हैं? हाल ही में जारी ग्लोबोकैन डाटा के अनुसार, हमारे देश में 730,746,615 पुरुषों में से, 691,178 में पिछले साल कैंसर की नई घटनाएं हुईं। जिसमें मुंह का कैंसर (15.6%) , इसके बाद फेफड़े (8.5%), esophagus (6.6%), कोलोरेक्टल (6.3%) और पेट (6.2%) मरीज शामिल हैं। चिंताजनक विषय यह है कि हम अपने परिवार को कैंसर से कैसे बचाएं। जिसमें- जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं, जो खाना हम खाते हैं, करियर का तनाव और पश्चिमी जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कैंसर के प्रकार और बचाव

प्रोस्टेट कैंसर: पुरुषों में होने वाला सबसे आम कैंसर में से एक है। इसकी शुरुआत प्रोस्टेट ग्रंथि से होती है, जो पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है। इसका प्रमुख कारण आयु, पारिवारिक इतिहास और जातीयता हो सकती है। विशेषज्ञ 45 वर्ष की आयु के बाद हर 2 से 4 साल में प्रोस्टेट- विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) परीक्षण कराने का सुझाव देते हैं।

फेफड़ों का कैंसर: धूम्रपान परुषो में फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम के माध्यम से फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

कोलोरेक्टल कैंसर: कोलोरेक्टल कैंसर कोलन या मलाशय को प्रभावित करता है। इसका प्रमुख कारण उम्र, पारिवारिक इतिहास, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी हैं।

वृषण कैंसर: वृषण (Testicular) कैंसर आम तौर पर युवाओं को प्रभावित करता है। अगर जल्दी पता चल जाए तो यह सबसे अधिक इलाज योग्य कैंसर में से एक है। इससे बचाव के लिए नियमित रूप से अपने अंडकोष की स्वयं जांच करें। यदि आप उनके आकार या बनावट में कोई बदलाव देखते हैं तो डॉक्टर को दिखाएं।

मूत्राशय कैंसर: मूत्राशय कैंसर वृद्ध पुरुषों और धूम्रपान या कुछ रसायनों के संपर्क में रहने वाले लोगों को प्रभावित करता है। इसका प्रमुख लक्षण पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और पेशाब के दौरान दर्द होना है। मूत्राशय कैंसर से बचाव के लिए, धूम्रपान छोड़ें, हाइड्रेटेड रहें और हानिकारक रसायनों के संपर्क से बचें।

त्वचा कैंसर: त्वचा कैंसर भारत में कम पाया जाता है। धूप से सुरक्षा बचाव करके इसे रोका जा सकता है।

कैंसर के खतरे को कम करने के उपाय

  • नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और संतुलित वजन बनाए रखें।
  • धूम्रपान के सेवन से बचें।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • तेज धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन और शरीर को पूरी तरह से ढक लें।
  • फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज का सेवन करें।
  • समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहें।