Male Infertility: पुरुषों में इनफर्टिलिटी के बारे में आज भी बात क्यों नहीं करते लोग, क्यों इसे नामर्दी से जोड़ा जाता है?

Purush Me Banjhpan: कई ऐसी स्थितियां हैं जिनके कारण पुरुष कई बार अपने इनफर्टिलिटी की समस्या के बारे में बता नहीं पाते हैं, क्योंकि समाज उसे नामर्दी से जोड़ देते हैं जो कि पूरी तरह से अलग कंडीशन है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 22, 2026 10:34 AM IST

Male Infertility Problems in Hindi: आज के जमाने में जब टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ चुकी है, फिर भी हम कुछ पुरानी सोच को लेकर चलते हैं और यह जानते हुए कि वह सोच सही नहीं है। पुरुषों में इनफर्टिलिटी की बात ही ले लीजिए, जब भी पति-पत्नी कंसीव करने की कोशिश करते हैं और वे कर नहीं पा रहे होते हैं तब भी हमेशा महिलाओं की तरफ ही उंगली उठाई जाती है। जबकि डॉक्टर ये कहते हैं कि इनफर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी हो सकती है। ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि अगर बच्चा कंसीव करने में दिक्कत आ रही है, तो महिला के अंदर ही कोई समस्या है और उसी के टेस्ट व जांच कराई जाती हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है? आखिर क्यों पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या को अक्सर नामर्दी से जोड़ा जाता है। इस बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

क्या पुरुषों में इनफर्टिलिटी और नामर्दी एक ही बात है?

पुरुषों में नामर्दी और इनफर्टिलिटी को लोग एक ही बात समझते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक बात नहीं है और दो अलग-अलग स्थितियां हैं। दोनों के बारे अच्छे से जानना जरूरी है, क्योंकि कुछ लोग इनफर्टिलिटी की समस्या को नामर्दी समझ लेते हैं और अपनी इस समस्या को किसी के साथ शेयर नहीं कर पाते हैं और स्थिति गंभीर होती रहती है।

इनफर्टिलिटी की समस्या - इनफर्टिलिटी की समस्या पुरुषों में तब होती है, जब उनकी स्पर्म क्वालिटी या क्वांटिटी कम हो जाती है। दरअसल, स्पर्म की गतिशिलता (Motility), गुणवत्ता और उनकी संख्या अगर सामान्य से कम है, तो इनफर्टिलिटी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा होने के पीछे पुरुषों में भी हार्मोन से जुड़ी समस्याएं, मोटापा, धूम्रपान करना या लंबे समय से मानसिक तनाव होना आदि शामिल है।

नामर्दी की समस्या - यह इनफर्टिलिटी की समस्या से पूरी तरह से अलग होती है, जिसे अन्य शब्दों में स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) यानी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहा जाता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी आमतौर पर मोटापा, धूम्रपान और मानसिक तनाव बढ़ने के कारण ही होता है।

हालांकि, ये दोनों ही समस्याएं पूरी तरह से अलग हैं, लेकिन दोनों के कारण ही कंसीव करने में दिक्कत आने लगती है। इसलिए, यह जरूरी है कि अगर इनमें से किसी भी समस्या के संकेत दिखते हैं या कंसीव करने में दिक्कत आ रही है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। ऐसा करने पर स्थिति को गंभीर होने से पहले ही कंट्रोल किया जा सकता है।

सही खानपान व जीवनशैली बेहद जरूरी

इनफर्टिलिटी की समस्या हो या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन दोनों के कारण ही कई गंभीर समस्याएं होती हैं और व्यक्ति मानसिक तनाव से ग्रस्त हो जाता है। लेकिन इन चीजों से बचने के लिए सही जीवनशैली और सही खानपान बेहद जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति शराब, धूम्रपान या अन्य कोई नशा करता है, तो जल्द से जल्द उसे छोड़ने की कोशिश करें। अपने खाने में अच्छी चीजें शामिल करें जो आपको लंबे समय तक हेल्दी रखने में मदद करेंगी।

अच्छी लाइफस्टाइल हैबिट्स के लिए, सही खानपान और नशा छोड़ने के लिए आप अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। डॉक्टर आपको सही सलाह देंगे या फिर आपको किसी अच्छे एक्सपर्ट्स को रेफर करेंगे, जिससे आपको सही व पूरा इलाज मिल पाएगा।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।