
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : August 23, 2023 2:51 PM IST
Genetic Testing for Cancer : कैंसर एक जटिल और जानलेवा बीमारी होती है, इस बाद से शायद हम सभी काफी अच्छे से वाकिफ होते हैं। दुनियाभर के कई लोगों से लाखों की संख्या में कैंसर के रोगी मौजूद हैं, जो अलग-अलग कैंसर से प्रभावित होते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें कैंसर होने का जोखिम अधिक होती है। मुख्य रूप से अनुवांशिकी रूप से कैंसर होने की संभावना काफी अधिक होती है। यानी अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति को कैंसर है या थी, तो इस स्थिति में आपको भी कैंसर होने का जोखिम हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय से पहले जेनेटिक टेस्टिंग आपके लिए काफी अच्छा विकल्प हो सकता है, यह समय से पहले कैंसर होने के खतरों का पता लगा सकती है। इससे आपका इलाज समय से शुरू हो जाता है, जो आपको गंभीर स्थिति में जाने से बचाव कर सकती है। आइए न्यूबर्ग डायग्नोसिस सेंटर के मॉलिक्यूल ऑन्कोलॉजिस्ट कुंजल पटेल (Dr Kunjal Patel, Molecular Oncopathologist, Neuberg Centre for Genomic Centre ) से जानते हैं जेनेटिक टेस्टिंग क्यों है जरूरी ?
डॉक्टर का कहना है कि कैंसर के मामले सामने आने के कारणों में एक बड़ा हिस्सा वंशानुगत होता है। जिन लोगों के माता-पिता या परिवार में किसी अन्य सदस्य को कैंसर है, जो उस व्यक्ति में कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। ऐसी स्थिति में जेनेटिक टेस्टिंग से जरूरी हो जाता है। यह बीआरसीए1 और बीआरसीए2 (स्तन और डिम्बग्रंथि के कैंसर से जुड़े हैं), लिंच सिंड्रोम (यग कोलोरेक्टल और अन्य कैंसर से जुड़े हैं) की पहचान करने में मददगार होता है। इस टेस्टिंग के माध्यम से वंशानुगत जोखिम की पहचान करके व्यक्ति का इलाज और कैंसर से बचाव पहले शुरू करने में मदद मिलती है।
जेनेटिक टेस्ट की मदद से आप व्यक्तिगत रूप से कैंसर के रोकथाम की रणनीतियों को सक्षम बना पाते हैं, जिससे आपको काफी अच्छा रिजल्ट मिल पाता है। अगर आपको पहले से कैंसर के बारे में या उससे होने के जोखिमों को बारे में अच्छे से ज्ञात होता है, तो इस स्थिति में आप अपने जीवनशैली में बदलाव, स्क्रीनिंग शेड्यूल और निवारक उपायों को बेहतर ढंग से तलाश कर सकेंगे।
जेनेटिक टेस्टिंग की मदद से न सिर्फ वंशानुगत जोखिम की पहचान करने में मदद मिलती है, बल्कि यह प्रारंभिक चरण में कैंसर का निदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ आनुवंशिक उत्परिवर्तन काफी ज्यादा आक्रामक कैंसर और यूनिक मॉलीक्यूल्स (unique molecular) की विशेषताओं से जुड़े होते हैं, जिसका समय पर विशिष्ट ट्रीटमेंट के जरिए इलाज करना आसान हो जाता है। साथ ही इस टेस्टिंग की मदद से आपको समय पर पता लग जाता है कि मरीज को किस तरह के लक्षित इलाज की जरूरत है, जिससे इलाज का बेहतर रिजल्ट भी प्राप्त हो सकता है।
जेनेटिक टेस्टिंग कैंसर के आनुवंशिक आधार को समझने के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है। इससे कैंसर अनुसंधान में योगदान मिल सकती है। साथ ही यह कैंसर के विकास से जुड़े नए आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान करने में भी मददगार होता है।
कैंसर के लिए जेनेटिक टेस्टिंग काफी महत्वपूर्ण टेस्च हो सकता है। यह वंशानुगत जोखिम की पहचान करके, व्यक्तिगत रूप से इसकी रोकथाम करने में मददगार हो सकता है। साथ ही आपका इलाज भी समय से पहले बेहतर ढंग से शुरू हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।