हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाती है महिलाओं की 'चुप' रहने की आदत

अपनी इच्‍छाओं और अभिव्‍यक्ति को लगातार दबाए रखने वाली महिलाओं में हृदयाघात का खतरा ज्‍यादा होता है। जबकि अपने पार्टनर से अपनी फीलिंग्‍स शेयर करने वाली महिलाओं का स्‍वास्‍थ्‍य ज्‍यादा बेहतर रहता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 26, 2019 2:16 PM IST

आपकी रोमांटिक लाइफ और सेल्‍फ एक्‍सप्रेशन सिर्फ आपके संबधों पर ही असर नहीं डालती, बल्कि आपकी सेहत को भी बहुत गहरे से प्रभावित करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पीट्सबर्ग में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं अपने रिश्‍ते को तनाव और संघर्ष से बचाने के लिए चुप रहती हैं, उनमें हृदय रोगों (Women's heart health) का जोखिम अन्‍य महिलाओं की तुलना में ज्‍यादा होता है।

इमोशनल और ओवरऑल हेल्‍थ

यह रिसर्च इस सप्‍ताह नॉर्थ अमेरिकन मीनोपॉज सोसायटी ऑफ शिकागो में प्रस्‍तुत किया गया। इस शोध ने भावनात्‍मक स्‍वास्‍थ्‍य का ओवरऑल हेल्‍थ पर असर साबित किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ पीट्सबर्ग के डिपार्टमेंट ऑफ सायकाएट्री में पोस्‍टडॉक्‍टोरल फैलो और इस अध्‍ययन के शोधकर्ता केरन जकुबोव्‍स्‍की कहती हैं, जो नतीजे आए वे आपके सामाजिक संबंधों के असर को आपकी ओवरऑल हेल्‍थ पर देखते हैं। हमें इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए यह देखना है कि अपने सामाजिक संबंधों में हमारा जो संवाद है, वह किस स्‍तर का है।

हॉट फ्लश और इमोशनल वेलनैस

शोध के लिए हमने प्री और पोस्‍ट मीनोपॉज वाली 304 महिलाओं से कई प्रश्‍नावलियां भरवाईं। यह रिसर्च उनमें होने वाली हॉट फ्लश की समस्‍या पर केंद्रित था। पर इसमें हमने इस ओर भी ध्‍यान दिया कि वे अपनी भावनाओं के बारे में कितनी वोकल हैं या अपने रिश्‍ते को बचाने के लिए सेल्‍फ साइलेंसिंग का रास्‍ता चुनती हैं।

इस तरह के सवाल पूछे गए

हमारे सवाल कुछ इस तरह के थे कि क्‍या आप खुद से पहले अपने पार्टनर या परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देती हैं? क्‍या आप रिश्‍तों में तनाव से बचने के लिए खुद को चुप कर लेती हैं? यह असल में रिश्‍ता बचाने के लिए अपने स्‍वास्‍थ्‍य को दांव पर लगाने के मामले थे।

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य होता है प्रभावित (Women's heart health)

इसके लिए कुछ और शारीरिक परीक्षण भी किए गए। इसमें उनका ब्‍लड टेस्‍ट, बॉडी मास इंडेक्‍स, कैरोटिड ऑर्टरीज का अल्‍ट्रासाउंड भी शामिल किया गया था। इसमें वे प्‍लाक्‍स नजर आए जो हृदय रोग शुरू होने से पहले धमनियों में जमने लगते हैं।  दिखने लगे हार्ट डिजीज के संकेत शोधकर्ताओं ने अपने शोध में यह पाया कि जिन महिलाओं ने अपने संबंधों में तनाव को बचाने के लिए मौन धारण कर लिया था, उनकी धमनियों में प्‍लाक जमने शुरू हो गए थे। जबकि जिन्‍होंने संघर्ष किया और अपनी बात रखी, उनमें यह नजर नहीं आया। हम हर छोटी से छोटी बात पर गौर कर रहे थे। जिससे यह और स्‍पष्‍ट होता जा रहा था कि आपकी रिलेशनशिप की सेहत आपके हृदय की सेहत पर गंभीर असर डालती है।

तनाव बढ़ाती है चुप्‍पी

मिशिगन स्थित स्‍पेक्‍ट्रम हेल्‍थ इन ग्रैंड रेपिड्स में कार्डियो‍लॉजिस्‍ट डॉ थॉमस बोडन हालांकि इस शोध का हिस्‍सा नहीं थे, पर वे भी मानते हैं कि चुप रहने की आदत आपके हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बहुरी तरह से प्रभावित करती है। यह धीरे-धीरे तनाव, चिड़चिड़ापन और अवसाद में बदल जाती है। जिससे हार्ट हेल्‍थ भी प्रभावित होती है।

Women's heart health, Healthy heart, Heart disease in women, Emotional well-being, Healthy relationship,self silencing hazards, Heart diseases. हंटसू सलाह देती हैं, कि भले ही आप अपनी भावनाओं को अभिव्‍यक्‍त नहीं कर पा रहीं हैं, पर खुद को इतनी तवज्‍जो तो दे ही सकती हैं, कि जब कॉफी पीने का मन हो और सामने कॉफी शॉप हो तो अपने लिए रुक जाएं। © Shutterstock

जीवन हो जाता है ज्‍यादा जटिल

पैन सेंटर फोर वुमेन्‍स बीहेवियरल वेलनैस में असिस्‍टेंट प्रोफेसर लीजा हंटसू ने महिलाओं में तनाव से होने वाले शारीरिक प्रभावों पर शोध किया था। वे भी इस बात को मानती हैं कि तनाव के कारण महिलाओं का स्‍वास्‍थ्‍य अतिरिक्‍त परेशानियों में घिर जाता है। इसके बावजूद वे चुप रहती हैं। समय बीतने के साथ-साथ चुप रहने की यह प्रवृत्ति तनाव को बढ़ाती है, जिससे जो आगे चलकर हृदय रोग का कारण बनता है।

खतरनाक है आत्‍म मौन  self silencing hazards

हंटसू कहती हैं, अपनी जरूरतों और इच्‍छाओं को अभिव्‍यक्‍त न करना सेहत के लिए बहुत ज्‍यादा खतरनाक हो सकता है। बॉयडेन कहती हैं, उन्‍होंने अकसर देखा है कि उनके आसपास की महिलाएं, उनकी दोस्‍त और परिवार की अन्‍य सदस्‍य कैसे अपनी जरूरतों को हमेशा दूसरों की जरूरतों के बाद तवज्‍जों देती हैं। इस तरह वे खुद की उपेक्षा करने की आदी हो चुकी होती हैं। संभवत: रोग के लक्षणों और अनुभवों के बारे में भी वे किसी को नहीं बताती। जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। हृदय रोग के बाद होने वाली मौतों में महिलाओं का आंकड़ा पुरुषों से ज्‍यादा है। यानी उन्‍हें बीमार होने के बाद भी सही देखभाल और उपचार नहीं मिल पाता।

जरूरी है खुद को पहले चुनना

हंटसू सलाह देती हैं, कि भले ही आप अपनी भावनाओं को अभिव्‍यक्‍त नहीं कर पा रहीं हैं, पर खुद को इतनी तवज्‍जो तो दे ही सकती हैं, कि जब कॉफी पीने का मन हो और सामने कॉफी शॉप हो तो अपने लिए रुक जाएं। अगर आप उसमें एक्‍स्‍ट्रा शुगर एड करना चाहें तो अपने लिए कर लें। जब खुद का किसी आर्ट एग्‍जीबिशन में जाने का मन हों तो पार्टनर से खुलकर कहें कि हां वे वहां जाना चाहती हैं। न कि अपनी छोटी-छोटी इच्‍छाओं को दबाती रहें।

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