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Written By: Yogita Yadav | Published : September 19, 2018 4:18 PM IST
खराब लाइफस्टाइल के चलते ब्लड सर्कुलेट न हो पाने के कारण हाेे सकती है यह समस्या। © Shutterstock
वेरीकोस वेंस (Varicose veins) टांगो से जुडी बीमारी है जिसमे हमारे पैरो पर नीली नसे हो जाती हैं। यह उन लोगों में सबसे अधिक होती है जिनकी दिनचर्या में शारीरिक श्रम बहुत कम होता है। यह मोटे लोगो को भी हो सकता है जो चलने फिरने में आलस करते है और उन लोगो को भी जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं।
लाइफस्टाइल जनित बीमारी है ये
हर दम बैठे रहने, व्यायाम एवं शारीरिक श्रम न करने के कारण हम इसी तरह के लाइफस्टाइल को जीने के आदी हो जाते हैं। जिसके कारण यह बीमारी हो जाती है। इसे लाइफस्टाइल जनित बीमारी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसके कारण और भी कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इस तरह दिखते हैं पैर
यह असल में पैरो में होने वाली समस्या है, जिसमें पैरों पर नीले रंग की नसें उभर आती हैं। कभी-कभी यह बिंदिया और चकत्तों जैसी भी दिखने लगती हैं। समय के साथ ये निशान काले और और गहरे भी हो जाते है। इसमें थोड़ी दूर तक चलने के बाद पैरो में दर्द महसूस होने लगता है या टांगो में चलने के बाद दर्द के साथ उभरी हुई नीले रंग की नसें दिखाई देने लगती हैं।
कारण
हमारे पूरे शरीर को सही से काम करने के लिए और उर्जा को हर जगह सामान रूप से वितरित करने में हमारे रक्त का योगदान होता है | हमारे शरीर के सारे अंगो में खून तेजी के साथ जाता है और उन्हें पोषक तत्वों के साथ साथ जरुरी ऑक्सीजन भी मुहैया करवाता है। खराब जीवनशैली के कारण इस क्रिया में बाधा पहुँचती है और जब अशुद्ध रक्त के वापिस उपर लौटने की क्रिया में बाधा होती है तो वो नीचे टांगो की नसों में जमा होने लगता है और इसी से इस रोग की शुरुआत होती है |
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उपाय
इस रोग में भी उपचार से बेहतर बचाव है। इसलिए जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में व्यायाम व शारीरिक श्रम को शामिल करें। आप सुबह से शाम को कुछ घंटे के लिए शारीरिक गतिविधि जैसे योग, साइकलिंग और सैर करने के लिए समय निकालें। काम और बैठने में इस तरह से तालमेल करें कि हर आधे घंटे बाद शरीर हरकत में आए।
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सर्जरी करवाएं या लेजर
शुरूआती चरण में तो आप दिनचर्या में बदलाव करके ही इससे निजात पा सकते है, लेकिन हो सकता है बाद में रोग बढ जाने की दशा में आपको ट्रीटमेंट की जरुरत पड़े। इसके लिए लेजर तकनीक और सर्जरी दोनों तरह के विकल्प मौजूद हैं। पर यह किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करवानी चाहिए।