Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Ruptured Artery Symptoms : आधुनिक समय में लोगों का खानपान और लाइफस्टाइल काफी ज्यादा खराब होता जा रहा है, जिसकी वजह से उन्हें उम्र से पहले कई तरह की समस्याएं जैसे- हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर इत्यादि हो रही हैं। ऐसी कई तरह की खबरे सामने आ रही हैं, जिसमें कम उम्र में ही या फिर एक्सरसाइज करते ही युवा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस तरह की खबरे पढ़कर अक्सर हम बोलते हैं कि आखिर ऐसे कैसे हो सकता है। लेकिन इन समस्याओं का कारण लोगों की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान होती है। दरअसल, अचानक हार्ट अटैक आने से पहले मरीजों की दिल की धमनियां फट जाती हैं, इस स्थिति को दिल की धमनियों में फ्रैक्चर कहा जाता है। वहीं, मेडिकल भाषा में इस स्थिति को Artery Rupture कहते हैं। इस स्थिति के कारण मरीजों का हार्ट बीट अनियमित हो जाता है और मौत का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है। समय पर अगर इसके लक्षणों को पहचानकर मरीज अपना इलाज कराएं, तो काफी हद तक मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
दिल की धमनियां फटने पर मरीजों को सीने या छाती में काफी ज्यादा तेज दर्द महसूस होता है। इस तरह के संकेतों को इग्नोर करने की गलती न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें।
धमनियां फटने पर मरीजों की दिल की धड़कनें काफी ज्यादा अनिमित होने लगती है। अगर आपके शरीर में इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर की मदद लें। ताकि मौत के खतरे से बच सकें।
दिल की धमनियां फटने पर सांस लेने में तकलीफ जैसा महसूस होता है। कई लोगों को यह स्थिति काफी सामान्य लगती है। लेकिन सांस लेने में अगर आपको दिक्कत हो रही है, तो इसे कुछ मिनटों तक भी इग्नोर न करें। यह काफी ज्यादा गंभीर हो सकता है।
काफी ज्यादा पसीना आना भी दिल की धमनियां फटने की ओर इशारा करता है। ऐसे संकेतों को इग्नोर न करें। यह काफी गंभीर हो सकता है। कई लोग पसीना आने की स्थिति को इग्नोर करते हैं। उन्हें इस करह के लक्षण काफी ज्यादा सामान्य लगते हैं। अगर आप ऐसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो फौरन अपने हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें।
जबड़ों में दर्द होना फी दिल की धमनियां फटने की ओर इशारा करता है। ऐसे संकेतों को इग्नोर न करें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। ताकि मृत्यु के खतरों से बच सकें।