
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 1, 2020 9:14 PM IST
कोविड के अलावा अन्य मरीज़ों के इलाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी टेलिमेडिसिन के इस्तेमाल की सलाह, जानें क्या है Telemedicine.
Telemedicine: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को टेलीमेडिसिन (Telemedicine) क्षेत्र में हुई तरक्की, स्वास्थ्य सेवा में ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों का उपयोग और एक स्वस्थ समाज के लिए चिकित्सा क्षेत्र में आईटी उपकरणों के उपयोग पर चर्चा का आह्वान किया। एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधान मंत्री (PM India) ने टेलीमेडिसिन सेक्टर में हुई प्रोगेस को हेल्थकेयर (Healthcare in India) में ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों का उपयोग और एक हेल्दी सोसायटी के लिए मेडिकल सेक्टर में आईटी डिवाइसेस का इस्तेमाल करते हुए अपनी हेल्थ का ध्यान रखने की अपील की। लेकिन, इसके साथ ही अब लोगों के मन में सवाल आ रहे हैं कि टेलिमेडिसिन है क्या और यह कैसे हमारी सेहत के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। (Telemedicine during corona)
यह हेल्थ केयर का एडवांस (Healthcare Technology) तरीका है। जिसमें मरीज़ और डॉक्टरों के अलावा आईटी, इंजिनियरिंग और मेडिकल साइंस को एक साथ लाने की कोशिश की जाती है। टेलीमेडिसिन टेक्निक के तहत मरीज़ को हार्डवेयर और सॉफ्वेयर दोनों माध्यमों से इलाज में मदद की जा सकती है। टेलिमेडिसिन में संचार माध्यमों जैसे मोबाइल या कम्प्यूटर की मदद से डॉक्टर और मरीजड सम्पर्क साधते हैं। इसमें, उपचार, निदान और अन्य रेगूलर हेल्थ सर्विसेस किसी मोबाइल ऐप, या सॉफ्टवेयर की मदद से किया जाता है।
कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) और लॉकडाउन (Lockdown) के इस माहौल में टेलिमेडिसिन (Telemedicine) एक बहुत कारगर तरीका साबित हो सकता है। इसकी मदद से डॉक्टर अपनी और मरीज़ की सुरक्षा के साथ-साथ उनके इलाज के लिए आवश्यक उपाय अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए कोविड-19 (covid-19) इंफेक्शन के अलावा अन्य किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को इस वक़्त बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है। क्योंकि, अस्पताल में स्टाफ की कमी और कोविड मरीज़ों की संख्या अधिक होने की वजह से इन मरीज़ों का रेग्यूलर चेकअप नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में टेलिमेडिसिन (Telemedicine) की मदद से रिपोर्ट्स भेजने, पढ़ने, जांचने जैसे काम ऑनलाइन किए जा सकते हैं। जिसके बाद डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मरीज़ को देखकर उसे सही इलाज और दवाइयों के बारे में बता सकते हैं। इसी तरह ऐसी बीमारियां जिसमें किसी खास तरीके की फिजियोथेरेपी या एक्सरसाइज़ की ज़रूरत पड़ती है। उनके लिए भी यह एक अच्छा तरीका हो सकता है। (How useful is