
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 9, 2021 4:10 PM IST
Talking and Coronavirus Spread:कोरोना वायरस महामारी के दौरान संक्रमण के प्रसार को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नियंत्रित करने के लिए मास्क (Covid Mask) पहनने की सलाह दी गयी। जागरूक और ज़िम्मेदार लोग भी मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलते हैं। लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि जब लोग बातें करते हैं तो अक्सर, बोलने वाला व्यक्ति मास्क को चेहरे से हटा देता है और बाकी लोग मास्क पहनकर सुनते हैं। लेकिन, ऐसा करना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि बंद कमरों में मास्क हटाकर बोलने से भी सार्स कोवि-2 वायरस (SARS COV-2) का प्रसार होता है। गौरतलब है कि यह वायरस ही कोरोना संक्रमण की वजह बनता है। (Talking and Coronavirus Spread)
इस हालिया स्टडी को जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन (Journal of Internal Medicine) में प्रकाशित किया गया। स्टडी के परिणाम बताते हैं कि, बोलते समय सांस के साथ अलग-अलग आकार की बूंदें (Droplets) नाक और मुंह से निकलती हैं, जो अलग-अलग मात्रा में वायरस की वाहक बनती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, अधिकांश ड्रॉपलेट्स मीडियम साइज की ही होती है, जो कई मिनट हवा में सक्रिय रह सकती हैं। सांस लेने पर ये बूंदें हवा के साथ शरीर में प्रवेश कर जाती हैं। (Talking and Coronavirus Spread)
इस दावे के बारे में स्टडी से जुड़े एक्सपर्ट एड्रियान बैक्स (मैरीलैंड में यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज) ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि, " जैसा कि हम सभी ने देखा ही है कि जब कोई व्यक्ति बात करता है तो, सलाइवा की कुछ बूंदें हवा में उड़ती हैं, लेकिन वहीं, हजारों की संख्या में निकलनेवाली छोटी-छोटी बूंदें ऐसी भी होती हैं जिन्हें आंखों से देखा नहीं जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा , "जब थूंक एयरोसेल के रूप में इस तरह हवा में फैलता है, तो यह काफी देर तक हवा में बने रहता है और दूसरे व्यक्तियों को संक्रमित करने की क्षमता भी रखता है।" (Talking and Coronavirus Spread in Hindi)