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Jyada Dawa Khane ke Nuksan: क्या आपको भी लगता है कि आज लोगों का पेशेंस लेवल कम हो गया है? तनाव को झेलना और दर्द से निपटने में आज की पीढ़ी काफी पीछे रह गई है। लेकिन केवल युवा पीढ़ी को दोष देना सही नहीं होगा क्योंकि आज पेशेंस की कमी हर उम्र वर्ग के लोगों में देखे जा रही हैं। हम ऐसा इसीलिए कह रहे हैं, क्योंकि कई अध्ययन में यह बात सामने आई है कि आजकल लोग सिर दर्द, बुखार, पेट दर्द या हल्का तनाव महसूस करते ही दवाइयां देना शुरू कर देते हैं। मेडिकल स्टोर वाले भी बिना जाच के दवाइयां मुहैया करा देते हैं। मगर आपकी यह सेल्फ-मेडिकेशन एक बड़ी समस्या बन सकती है। आपको लगता है कि आपकी यह आदत आपकी दर्द को ठीक कर देती है लेकिन आप शायद यह नहीं जानती हैं कि यह आपको गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, विशेषकर आपके भविष्य को। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दवाई ऐसी होती हैं जो डॉक्टर के बिना सलाह देने से आपके लिए जहर का काम कर सकते हैं और आपको मौत के मुंह में धकेल सकती हैं। तो आइए आज हम आपको ऐसी ही कुछ दावों के बारे में बताते हैं, जो आपके लिए नुकसानदेह साबित होती हैं।
बैक्टीरियल इंफेक्शनका इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। बुखार और सर्दी जुकाम जैसी समस्याओं का इलाज करने के लिए अन्य दवाओं के साथ एंटीबायोटिक दवाएं भी दा जाती है, ताकि अंदर बैक्टीरियल इन्फेक्शन को भी खत्म किया जा सके। लेकिन एंटीबायोटिक दवाएं स्ट्रॉन्ग दवाएं होती हैं और इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवाएं नहीं लेनी चाहिए। एंटीबायोटिक दवाएं शरीर को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ इनसे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ जाता है यानी एंटीबायोटिक दवाएं धीरे-धीरे करके असर करना बंद कर देती हैं और असर करने के लिए उनकी खुराक को बढ़ाना पड़ता है। इसके अलावा इसके दूसरे नुकसान के रूप में इससे पेट की सेहत खराब होती है और लिवर-किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है।

कई अलग-अलग हेल्थ प्रॉब्लम्स के इलाज में स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है और साथ ही की बार किसी दवा की प्रभाव को बढ़ाने के लिए भी कुछ प्रकार की स्टेरॉयड दवाएं इस्तेमाल में लाई जा सकती हैं। लेकिन इन दवाओं को डॉक्टर की सलाह से लेना जरूरी है, क्योंकि ये किडनी व लिवर से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकती हैं और साथ ही जैसे वजन बढ़ना, हार्मोन लेवल में गड़बड़ी और अन्य कई फीजिकल व मेंटल साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
किसी भी स्थिति में दर्द से राहत पाने के लिए आप पेनकिलर का सहारा लेते हैं। अगर स्थिति बहुत खराब है तो डॉक्टर आपको खुद पेनकिलर लेने को कहता है, लेकिन ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं लेना पेट में अल्सर, गैस, लिवर डैमेज और किडनी की समस्याओं को जन्म दे सकता है। खासकर खाली पेट पेनकिलर लेना बेहद नुकसानदायक माना जाता है और आपको बड़ी परेशानी में डाल सकता है।
अनिद्रा, चिंता विकार और अवसाद (डिप्रेशन) जैसी समस्याओं के लिए जिन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, वे कोई आम दवा नहीं होती हैं। यहां तक कि उन दवाओं को बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदना और बेचना दोनों ही गैर-कानूनी है। बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इनसे नशे की लत लगना, ज्यादा नींद आना और अन्य समस्याएं होने लगती हैं। इन दवाओं का गलत इस्तेमाल करने से व्यक्ति को इनकी लत लग जाती है और वह इनके नशे करने लग सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।