बिना सोचे-समझे दवाएं ले रहे हैं तो धो बैठेंगे किडनी से हाथ, गुर्दों को खराब कर रही ये छोटी सी गलती

Kidney Health: हमारे द्वारा ली गई हर दवा को किडनी के अंदर से गुजरना पड़ता है, जिसका असर किडनी पर जरूर पड़ता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बगैर जरूरत से ज्यादा या गलत समय पर गलत दवाएं लेना किडनी को खराब कर सकती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : October 29, 2025 3:27 PM IST

Medicine Effects on Kidney: जोड़ों में दर्द या बदन दर्द जैसी समस्याएं होने पर हम अक्सर पेन किलर दवाएं ले लेते हैं जो कि हमारी आदत हो गई है। लेकिन आजकल यह आदत धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कुछ पेन किलर हैं जो ओवर द काउंटर होती हैं यानी उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर जाकर लिया जा सकता है। लेकिन आजकल आदत कुछ ऐसी ही गई है कि लोग हर बीमारी में डॉक्टर से सलाह लिए बिना ही मेडिकल स्टोर से जाकर दवाएं ले लेते हैं। लोगों ने एंटीबायोटिक और पेन किलर के नाम याद कर लिए हैं, तो खुद को डॉक्टर समझने लगे हैं। डॉ. उदित, नेफ्रोलॉजिस्ट, इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर ने अनुसार लोग छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं होने पर ही खुद मेडिकल स्टोर से जाकर आइबूप्रोफेन, एंटासिड या कोई मल्टीविटामिन आधि ले आते हैं। ऐसा नहीं है कि ये दवाएं स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के अनुसार सही तरीके से लेने पर ये नुकसान पहुंचा सकती हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह

डॉ. उदित ने कहा कि एक नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) के तौर पर मैं आपको सावधान करना चाहता हूँ, ऊपर बिना डॉक्टर की सलाह के गलत समय पर गलत तरीके से या गलत डोज में ली गई दवा, किडनी पर धीरे-धीरे बुरा असर डाल सकती हैं। अगर आप इन्हें ज्यादा समय तक या बार-बार लेते हैं, तो ये किडनी को नुकसान डैमेज होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

किडनी को समझना जरूरी

डॉ. उदित ने कहा कि किडनी क्या है और इसका काम क्या है यह समझना जरूरी है। तभी आप यह समझ पाएंगे कि हमारे द्वारा बिना-सोचे समझे खाई जा रही दवाएं किडनी पर क्या असर डालती हैं। दरअसल किडनी हमारे शरीर की एक जटिल फिल्टर मशीन है, जो दिन रात काम करती रहती है। बार-बार दवाएं लेने से किडनी की फिल्टर प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और कई बार कुछ दवाएं रक्त का बहाव कम कर देती हैं, जिससे किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है।

कौन सी दवाएं सबसे खतरनाक

नॉन-स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी जिन्हें एनएसएआईडी (NSAIDs) कहा जाता है, ये आमतौर पर पेन किर के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं जिन्हें किडनी के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। इन दवाओं में आमतौर पर आइबूप्रोफेन और नेपरोक्सन जैसी दवाएं शामिल हैं। अगर ये दवाएं बार-बार ली जा रही हैं या फिर किसी कारण से किडनी ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं, तो इन दवाओं से किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए जो लोग लंबे समय से ऐसी पेनकिलर दवाएं ले रहे हैं, उन्हें एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) या क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) होने का खतरा ज्यादा रहता है। ये सभी दवाएं किडनी खराब होने का कारण बन सकती हैं।

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है

डॉ. उदित के अनुसार अगर आप लंबे समय तक एनएसएआईडी पेन किलर ले रहे हैं, तो उन्हें तुरंत रोक दें और पहले डॉक्टर से इस बारे में बात करें। डॉक्टर आपके लिवर व किडनी फंक्शन टेस्ट करा सकते हैं और उसके बाद दवाओं की सही खुराक या दवाएं बदलकर दे सकते हैं। साथ ही डॉक्टर के द्वारा निर्देशित या पैकेट पर लिखी खुराक से ज्यादा दवाएं नहीं लेनी चाहिए। साथ ही कभी भी एक ही साल्ट की खाने की दवा और क्रीम या जेल का इस्तेमाल भी नहीं किया जाना चाहिए। अगर आपको किडनी खराब होने के लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं

किडनी की सुरक्षा के लिए डॉ. उदित की सलाह

डॉ. उदित ने बताया कि अगर आप अपनी किडनी को हेल्दी व बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं, तो ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। इसके अलावा आप किसी भी बीमारी की कोई भी दवा, कोई सप्लीमेंट या कोई हर्बल प्रोडक्ट्स ले रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर के जरूर बताएं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के मरीज और जिनकी उम्र 60 से ज्यादा है, तो साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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