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बरसात के मौसम में संक्रमण अधिक तेजी से फैलता है, जिससे किडनी भी खराब हो सकती है। यही कारण है कि इस मौसम में अस्पतालों में किडनी के मरीज अधिक देखने को मिलते हैं। दरअसल, स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश के मौसम में हवा, पानी और भोजन में बैक्टीरिया अधिक पाए जाते हैं। ऐसे में खाने में थोड़ी सी भी गड़बड़ी फूड पॉइजनिंग और डायरिया का कारण बन जाती है। इससे व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे शरीर में अचानक पानी की कमी हो जाती है और इसका सीधा असर आपकी किडनी पर पड़ता है। शरीर में तरल पदार्थ यानी पानी की कमी के कारण किडनी खराब होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में इस मौसम में किडनी को लेकर सावधान रहना बहुत जरूरी हो जाता है।
किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप शरीर में पानी की सही मात्रा बिल्कुल भी कम न होने दें। बरसात के मौसम में संक्रमण और डिहाइड्रेशन के कारण एक्यूट किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है, जो काफी खतरनाक है। इसके लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। आप घर पर ताजे फलों का जूस बना सकते हैं, छाछ पी सकते हैं, नारियल पानी पी सकते हैं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले सोडा कोल्ड ड्रिंक से भी पूरी तरह दूरी बनाकर रखें। ये शरीर को अधिक डिहाइड्रेट करने का काम करते हैं।
अधिक नमक वाली चीजों का सेवन किडनी पर जहर की तरह काम करता है। हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा नमक खाने से किडनी में पथरी की समस्या हो सकती है। अधिक नमक के सेवन से शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है। आसान भाषा में समझें तो जिस तरह नमक खुला रहने पर नमी सोख लेता है, उसी तरह नमक शरीर में पानी जमा कर लेता है। इससे किडनी पर दबाव पड़ता है और वह ठीक से काम नहीं कर पाती है।
जैसा कि ऊपर बताया गया है, इस मौसम में बीमार पड़ने का खतरा अधिक होता है। लोगों को पेट दर्द, सिरदर्द आदि का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार वे बिना डॉक्टर की सलाह के खुद ही दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं तो बता दें कि आपकी ये गलती आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि क्रोनिक किडनी फेल्योर के ज्यादातर मामलों के पीछे दर्द निवारक दवाओं का ओवरडोज ही कारण है। ऐसे में किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
कैल्शियम युक्त आहार किडनी को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। ऐसे में इस मौसम में दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों का भरपूर सेवन करें।
इन सबके अलावा किडनी को स्वस्थ रखने के लिए खाना पकाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है। जैतून का तेल पॉलीफेनोल्स से भरपूर होता है, जो किडनी के साथ-साथ दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है।