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Written By: Anshumala | Published : September 3, 2019 5:28 PM IST
मानसून में ड्राइव करते समय बरतें सावधानी, करवाएं स्वास्थ्य बीमा। © Shutterstock.
मानसून का मौसम तेज गर्मी से राहत प्रदान करता है। सभी को इस मौसम का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन मानसून अपने साथ कई समस्याएं भी लेकर आता है। तेज बारिश, खराब ड्रेनेज सिस्टम और बुरे इन्फ्रास्ट्रक्चर के चलते इन दिनों अक्सर सड़क पर पैदल चलने वालों और यात्रियों की समस्या बढ़ जाती है। सड़क पर वाहन चलाने वालों को कम विजिबिलिटी के चलते दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। इसके अलावा दोपहिया वाहनों की बात करें तो अक्सर बारिश में दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटना के मामले बढ़ जाते हैं।
रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेन्स के एमडी एवं सीईओ अनुज गुलाटी कहते हैं कि अध्ययनों से साफ हो गया है कि मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ जाती है। सेंट्रल वॉटर कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 1953 से 2017 के बीच भारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़क दुर्घटना में हताहत होने वालों की संख्या 1,07,487 के आंकड़े को पार कर चुकी है।
दुर्घटनाएं बता कर नहीं आतीं, ऐसे में बेहतर होगा कि आप वाहन चलाते समय या सड़क पर पैदल चलते समय सावधानी बरतें। दुर्घटना के कारण जहां एक ओर वाहन को नुकसान पहुंचता है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालक भी घायल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटना के कारण व्यक्ति पर आर्थिक बोझ बढ़ जाती है। वाहन बीमा निश्चित रूप से इस तरह की आपातकालीन स्थिति में वाहन को ठीक कराने में कारगर होता है, लेकिन दुर्घटना की बात करें तो व्यापक व्यक्तिगत दुर्घटना कवर भी बहुत महत्वपूर्ण है, जो दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति के इलाज में आने वाले खर्च को कवर करता है।
- इन दिनों सड़क पर दुर्घटना का मुख्य कारण है, विजिबिलिटी कम होना और सड़कें खराब होना। ऐसी स्थिति में दूसरी ओर से आने वाली ट्रैफिक का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसे हालात में सलाह दी जाती है एंटी-ग्लेयर ग्लासेज पहनें और अपने वाहन की हेडलाइट को लो-बीम पर रखें।
- जल-जमाव के कारण सड़कों पर पारदर्शिता कम हो जाती है, सड़क पर चलना, वाहन चलाना, यात्रा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अच्छा होगा कि आप वाहन चलाने के लिए ऐसे रास्ते चुनें, जहां जल-जमाव न हो।
- कई स्थानों पर रिफलेक्टर और स्पीड ब्रेकर को सफेद पेंट से हाइलाइट नहीं करने के कारण खतरा बढ़ जाता है। इससे अक्सर वाहन चालक भ्रमित हो जाता है और फिसल जाता है। इन चीजों से सावधान रहें।
- समय-समय पर अपने वाहन, खासतौर पर ब्रेक और क्लच की जांच कराएं। सुनिश्चित करें कि कार के टायर ठीक हों और जरूरत हो तो उन्हें बदल दें ताकि टायर की सड़क पर ग्रिप अच्छी बने रहे।
- चाहे कितनी ही सावधानी क्यों ना बरतें, दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है। यह सभी की आर्थिक स्थिति एवं स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अपने आप को इस वित्तीय जोखिम से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं। व्यक्ति को ऐसा पर्सनल एक्सीडेंट कवर लेना चाहिए जो जलने, हड्डी टूटने एवं अन्य दुर्घटनाओं के मामले में चिकित्सा व्यय को कवर करता हो। रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेन्स का प्रोडक्ट- सिक्योर ऐसा ही एक उत्पाद है। यह भी ध्यान रखें कि एक्सीडेंटल डेथ एवं चाइल्ड एजुकेशन कवर भी शामिल हों।
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