
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 18, 2026 4:45 PM IST
Symptoms of Kidney Problems in Feet: किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसके एक नहीं अनेक काम हैं। यह खून को साफ करने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने और शरीर में पानी व मिनरल्स का सही संतुलन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती है। वहीं जब किडनी ठीक ढंग से काम नहीं कर पाती, है तो इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर होने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके संकेत खासतौर पर पैरों में दिखाई देते हैं, जो कि किडनी डैमेज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। आपको इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। अगर आपके परिवार में कोई किडनी का मरीज है या फिर पहले किसी को किडनी से जुड़ी समस्या हो चुकी हैं जो यह एक जेनेटिक बीमारी के रूप में परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी हो सकती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि किडनी की बीमारी के ऐसे लक्षणों की पहचान की जाए जिन्हें ज्यादातर लोग इग्नोर कर देते हैं।
यदि आपके पैरों, टखनों या पंजों में लगातार सूजन बनी रहती है, विशेषज्ञों के मत अनुसार यह किडनी डैमेज का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। असल में किडनी जब शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाती, तो तरल पदार्थ पैरों में जमा होने लगता है, जो कि आपकी स्थिति को गंभीर कर सकता है। हालाकिं, आपको यह भी सुनिश्चित करना होगा कि टखनों में होने वाली सूजन किसी चोट आदि के कारण नहीं है।
किडनी के खराब होने पर शरीर में कैल्शियम, पोटेशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स का संतुलन गड़बड़ा जाता है। फिर इसका असर मांसपेशियों पर पड़ने लगता है, जिससे पैरों में दर्द, जकड़न या ऐंठन की समस्या सामने आने लगती है। रात में पैरों में लगातार खिंचाव महसूस होना भी किडनी डैमेज का एक महत्वपर्ण लक्षण है लेकिन इसकी पुष्टि करने के लिए आपको किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखाना होगा।
वहीं तीसरी सबसे जरूरी बात है कि जब किडनी से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं तो पैरों की त्वचा रूखी, खुजलीदार या रंग में गहरी हो जाती है। कुछ मामलों में तो पैरों पर छोटे-छोटे घाव या दाने भी दिखाई देने लगते हैं, जो उपचार के बाद भी देर से ठीक होते हैं। अध्ययन बताते हैं कि यह शरीर में टॉक्सिन जमा होने का संकेत होते हैं और आपको परेशानी में डाल सकते हैं।
तो अब क्या करें? विशषज्ञों का कहना है कि अगर पैरों में ऊपर बताए गए लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और किडनी फंक्शन टेस्ट करवाते हैं, जिससे समय रहते समस्या की पहचान हो जाती है और आप उसके निदान पर काम करते हैं। इस दौरान नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें, पर्याप्त पानी पिएं, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं। वहीं सबसे जरूरी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं न लें, क्योंकि ये किडनी को और अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।