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Pain in the joints could be a sign of bursitis: आजकल खराब जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट हैबिट्स के कारण शरीर में छोटी-मोटी समस्याएं रहने लगी हैं। इन्हीं समस्याओं में बदन दर्द व जोड़ों में सूजन व दर्द जैसी समस्याएं शामिल हैं। लेकिन कई बार जोड़ों में दर्द होना बर्साइटिस जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। बर्साइटिस एक ऐसी हेल्थ कंडीशन, जिसमें जोड़ों के पास स्थित बर्सा (एक छोटी तरल-भरी थैली) में सूजन हो जाती है। दरअसल बर्सा एक छोटे, तरल से भरे थैली के समान होते हैं, जो हड्डियों, मांसपेशियों और टेंडनों के बीच कुशनिंग (Cushioning) का काम करते हैं। यह सूजन आमतौर पर चोट, अत्यधिक उपयोग या संक्रमण के कारण होती है। यह आमतौर पर कंधों, कोहनी, घुटनों, कूल्हों, एड़ियों और एड़ी के जोड़ों को प्रभावित करती है। बर्साइटिस के कारण जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है और इसके गंभीर मामलों में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी होता है। इसलिए आपको बर्साइटिस की स्थिति को समझना चाहिए और इसके लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। इस लेख में जानें बर्साइटिस से होने वाले कौन से लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए और अगर ये लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इसका इलाज कैसे किया जाना चाहिए।
बर्साइटिस के कारण प्रभावित जोड़ में लगातार या अचानक तेज दर्द हो सकता है, खासकर जब आप उस हिस्से को हिलाते हैं या उस पर दबाव डालते हैं। अगर दर्द दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है या आराम करने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
बर्साइटिस से प्रभावित जोड़ के आसपास सूजन हो सकती है। अगर सूजन के साथ-साथ त्वचा लाल हो रही है और जोड़ों में गर्मी महसूस हो रही है, तो यह सूजन बढ़ने का संकेत है र आपको तुरंत चिकित्सा परामर्श लेना चाहिए, ताकि समस्या का निदान समय रहते किया जा सके।
बर्साइटिस क्योंकि जोड़ों से जुड़ी समस्या है, ऐसे में जोड़ों में दर्द होना इसका सबसे प्रमुख लक्षण है। बर्साइटिस से प्रभावित व्यक्ति को जोड़ को हिलाने या घुमाने में दिक्कत हो सकती है। अगर आपको महसूस हो कि आपकी गति सीमित हो गई है और जोड़ पूरी तरह से मुड़ या सीधा नहीं हो पा रहा है, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
अगर बर्साइटिस के साथ आपको बुखार आ रहा है, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिसे सेप्टिक बर्साइटिस कहते हैं। इस स्थिति में तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह गंभीर त्वचा संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस स्थिति को गंभीरता से लिया जाए।
अगर बर्साइटिस के साथ जोड़ों में कमजोरी महसूस हो रही है और थकान हो रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि सूजन बढ़ रही है और आपकी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इलाज की आवश्यकता होती है।
अगर आपको ये 5 लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो बर्साइटिस की संभावना हो सकती है और स्थिति को बिगड़ने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। विशेष रूप से अगर दर्द असहनीय हो रहा है, सूजन बढ़ रही है, या बुखार के साथ जोड़ों में समस्या हो रही है, तो तुरंत इलाज शुरू करना जरूरी होता है।
बर्साइटिस के इलाज में कुछ सूजन कम करने वाली दवाएं व पेनकिलर दी जाती हैं, जो डॉक्टर द्वारा लिखी जाती हैं। इसके अलावा कुछ अन्य तरीके भी हैं, जिनकी मदद से बर्साइटिस का इलाज करने में मदद मिल सकती है जैसे -
प्रभावित क्षेत्रों को आराम देना
सूजन वाले हिस्सों में बर्फ की सिकाई
जोड़ों को मजबूत व लचीला बनाने के लिए फिजियोथेरेपी
अच्छी व पोषण युक्त डाइट लेना व पर्याप्त पानी पीना