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Written By: Jitendra Gupta | Updated : January 22, 2023 7:31 AM IST
Lifestyle for winter Blues
यूं ही नहीं कहा जाता कि त्योहार और मौसम सभी के लिए एक जैसे नहीं होते। क्योंकि बहुत से लोग अलग अलग तरह की ऐसी मानसिक स्थितियों का सामना करते हैं जिसमें सबके लिए खुशनुमा मौसम उनके लिए तनाव और अतिरिक्त परेशानियों का सबबी बन जाता है। ऐसी ही एक स्थिति है 'विंटर ब्लूज'। साथ ही अगर अभी के कोरोना महामारी के दौर की बात करें तो इसके बारे में चर्चा करना और भी जरूरी है।
दिल्ली-एनसीआर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, ऐश्वर्या राज का कहना है कि क्योंकि पहले से ही कोरोना संक्रमण का डर, रोज़ संक्रमण आदि के बारे में नकारात्मक ख़बरें सुनना, रोजगार आदि में तनाव, अधिक से अधिक घरों में रहने के कारण करीबियों से लगातार न मिल पाना आदि के कारण व्यापक रूप से तनाव की स्थिति बनी हुई है और बहुत से पहले से विविध मानसिक स्थितियों से जूझ रहे लोगों की समस्या में इजाफा हुआ है, उसपर से भी सर्दियां आते ही 'विंटर ब्लूज' के कारण अतिरिक्त मानसिक परेशानियों का जोखिम हो सकता है।
सर्दियों का मौसम आमतौर पर अधिकतर लोगों के लिए गर्मियों से राहत, गुनगुनी धूप का मज़ा हो सकता है, लेकिन 'विंटर ब्लूज' से जूझ रहे लोगों के लिए यह बहुत मुश्किल का दौर होता है। ऐसे लोग सर्दियों का मौसम आते ही एक अलग तरह की उदासी का शिकार हो जाते हैंः
1-चिढ़चिढ़ापन
2- भूख प्यास सही से न लगना
3-बेवजह खीजे हुए रहना आदि इसके लक्षण हो सकते हैं।
ऐसे में व्यक्ति की सोशल लाइफ पर बहुत असर पड़ता है, साथ ही पढ़ाई, दफ्तर के काम आदि पर असर पड़ता है, और परिवार में कलह होने का भी जोखिम होता है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, हालाँकि इसका जोखिम पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में अधिक देखा गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पहले से किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा व्यक्ति यदि इसकी भी चपेट में आजाये तो स्थितियां अधिक चुनौतीपूर्ण हो जातीं हैं।
• सर्दियां आते ही ठंड लगने पर असहज महसूस करना आम होता है लेकिन यदि इससे इतर अतिरिक्त चिढ़चिढ़ापन या ग़ुस्सा महसूस करें तो तुरंत किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
• विंटर ब्लूज से पीड़ित व्यक्ति धूप में अधिक से अधिक समय बिताएं। अपने संबंधित डॉक्टर की सलाह पर जितना हो सके धूप में योग, ब्रीदिंग एक्सरसाइज आदि करें।
• अपने स्लीप साइकिल यानी नींद की उचित मात्रा पर ध्यान दें। नींद सही मात्रा में न लेने पर भी अतिरिक्त चिढ़चिढ़ापन इस स्थिति में रह सकता है।
• अपने आप व्यस्त रखने का प्रयास करें। इसके लिए किसी मनपसंद काम या खेल या किसी शौक में भी मन लगाया जा सकता है। व्यस्त रहने से तनाव से राहत मिलने में मदद होगी। क्योंकि खाली दिमाग में तनाव और भी अधिक विस्तार करता है।
• अपने खान पान पर ध्यान दें, हल्का भोजन लें। अक्सर तनाव में लोगों को क्षमता से अतिरिक्त भोजन खाते देखा जाता है, जबकि हल्का भोजन एक्टिव रखने में मदद करेगा और भरी भोजन करने से अक्सर अतिरिक्त थकान भी महसूस होती है।
उपरोक्त बताए गए उपाय कुछ हद तक मदद कर सकते हैं लेकिन फिर भी यदि तनाव में आराम न हो तो डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी समस्या के बारे में बताएं। 'विंटर ब्लूज' का प्रॉपर ट्रीटमेंट होता है जिसको हर हाल में पूरा करना चाहिए और कोई लापरवाही नहीं करनी चाहिए क्योंकि अभी के दौर को देखते हुए मानसिक समस्याएं और भी गंभीर रूप ले सकतीं हैं यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो।