
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 26, 2026 5:48 PM IST
Symptoms of Bone Weakness in Hindi: उम्र के साथ-साथ शरीर का कमजोर पड़ना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जिसे अंग्रेजी भाषा में एजिंग कहा जाता है। हड्डियां भी उम्र के साथ-साथ कमजोर पड़ने लगती हैं, लेकिन खराब जीवनशैली और अनहेल्दी खानपान की वजह से समय से पहले ही शरीर बूढ़ा होता जा रहा है और हड्डियां कमजोर पड़ रही हैं। जबकि एक हेल्दी जीवन जीने के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है और अगर हड्डियां कमजोर पड़ रही हैं तो फ्रैक्चर जैसी स्थिति पैदा होने से पहले ही उनका पता लगा लेना बेहद जरूरी है। हड्डियां जब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं, तो इस दौरान शरीर में कुछ लक्षण देखने को मिलते हैं और ऐसा नहीं होता कि हड्डियां एकदम से कमजोर पड़ जाती हैं। अगर शुरुआत के इन लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाए तो उसके कारण फ्रैक्चर आने जैसी स्थिति पैदा होती है, जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसलिए आपके लिए यह जानना जरूरी है कि जब हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं, तो किस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं -
यह हड्डियां कमजोर पड़ने पर विकसित होने वाले सबसे शुरुआती लक्षणों में से एक है और हड्डियों के कमजोर होने का सीधा संकेत देता है। दरअसल, आवाज हड्डियों के जोड़ों वाले हिस्से से आती है और खासतौर पर घुटने व कोहनी के जोड़ों से यह आवाज आती है। ऐसा आमतौर पर हड्डियां कमजोर पड़ने पर सिरों से घिस कर खुरदरी हो जाती हैं।
(और पढ़ें - किस उम्र के बाद हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं?)
हड्डियां जब कमजोर होने लगती हैं, तो सबसे पहले हड्डियों के सिरे यानी जोड़ों के हिस्से में मौजूद हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। इसके कारण अगर शरीर के जोड़ कुछ घंटे रेस्ट करते हैं, वे हिस्से अकड़ जाते हैं। यही कारण है कि अगर किसी व्यक्ति को सुबह के समय जोड़ों में अकड़न महसूस होती है, तो यह हड्डियां कमजोर पड़ने या फिर गठिया जैसी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
जोड़ों में दर्द और सूजन होना भी हड्डियों की कमजोरी का एक शुरुआती लक्षण हो सकता है। हालांकि, ज्यादातर लोग शुरुआत में इसे इग्नोर कर देते हैं और पेन किलर लेते रहते हैं। खासतौर पर अगर दर्द पेन किलर के असर के बाद फिर से हो जाता है और कम होने की बजाय धीरे-धीरे बढ़ रहा है और दर्द के साथ-साथ जोड़ों में सूजन भी आ रही है, तो यह हड्डियां कमजोर पड़ने का एक लक्षण हो सकता है, जिसे गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
आजकल 30 की उम्र में हड्डियों का कमजोर पड़ने लगना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि खानपान और जीवनशैली से जुड़ी आदतें ऐसी समस्याएं तेजी से पैदा कर रही हैं। इसलिए अगर आपकी हड्डियां कमजोर पड़ने लगी हैं और आप उन्हें सामान्य जोड़ों का दर्द समझ कर इग्नोर कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे हड्डियां और ज्यादा कमजोर पड़ने लग जाती हैं, जिसके हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है, हड्डियों से जुड़ी बीमारियां होने लगती हैं और आप शारीरिक रूप कमजोर महसूस करने लगते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।