
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : January 20, 2023 10:32 AM IST
Cardiac Arrest Symptoms: आधुनिक समय में खराब जीवनशैली की वजह से लगातार कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल ही में कई युवा वर्ग कार्डियक अरेस्ट की चपेट में आ चुके हैं। इस गंभीर परिस्थिति में मरीजों का हृदय सही से काम करना बंद कर देता है। इस दौरान हृदय स्टैंड स्टिल पोजिशन में चला जाता है। यह स्थिति सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) कहलाती है। दिल की धड़कनों में किसी तरह का अवरुद्ध होना कार्डियक अरेस्ट का कारण हो सकता है। शरीर में कार्डियक अरेस्ट के कई लक्षण हो सकते (Sudden Cardiac Arrest ke Lakshan) हैं। आज हम आपको इस लेख में कार्डियक अरेस्ट के कुछ खास लक्षणों के बारे में बताएंगे।
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीजों के शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आते हैं। अगर समय पर आप इन बदलावों पर ध्यान देते हैं तो गंभीर परिस्थिति से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे मनें-
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीजों को सांस लेने में काफी ज्यादा परेशानी होती हैं। दरअसल, इस स्थिति में शरीर में ब्लड फ्लो सही तरीके से नहीं हो पाता है। ऐसे में सांस लेने में मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही मरीजों का हृदय सही से कार्य नहीं करता है। अगर आपके शरीर में भी इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीजों को बार-बार चक्कर आ सकता है। वहीं, बार-बार बेहोशी जैसा भी महसूस होता है। ऐसे में आपको इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है। ताकि हार्ट से जुड़ी बीमारी का समय पर पता चल सके। अगर आपको बार-बार चक्कर या बेहोशी आए तो अपनी इस परेशानी को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीजों को बेचैनी जैसा अनुभव होता है। ऐसे मरीजों को बार-बार घरघराहट और घबराहट महसूस होती है। अगर आपको भी बेचैनी जैसा महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। क्योंकि इस तरह के लक्षण हार्ट डिजीज से जुड़े हो सकते हैं।
सडन कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीजों का हार्ट बीट अचानक से बंद होने लगता है। यह काफी गंभीर स्थिति मानी जाती है। इस स्थिति में मरीजों की जान तक जा सकती है। इसलिए अगर आपकी हार्ट बीट कम होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में न सिर्फ मरीजों का हार्ट बीट बंद होता है। बल्कि कुछ स्थितियों में मरीजों का हार्ट बीट तेज भी हो सकता है। ऐसे में अगर आपका हार्टबीट तेज हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कार्डियक अरेस्ट काफी गंभीर परिस्थिति है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ताकि आप गंभीर परिस्थितियों से बच सकें।