खराब ओरल हेल्‍थ का लक्षण है दांतों से खून आना, इस तरह करें बचाव

कुछ लोग अपने शरीर की फि‍टनेस पर तो ध्यापन देते हैं, पर ओरल हेल्थय पर ध्याहन नहीं दे पाते। जिसकी वजह से उन्हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 14, 2019 8:52 PM IST

स्‍वस्‍थ शरीर के लिए जरूरी है कि हम अपनी ओवर ऑल हेल्‍थ पर ध्‍यान दें। कुछ लोग अपने शरीर की फि‍टनेस पर तो ध्‍यान देते हैं, पर ओरल हेल्‍थ (Bleeding from teeth) पर ध्‍यान नहीं दे पाते। जिसकी वजह से उन्‍हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं क्‍या है ओरल हेल्‍थ और कैसे रखना है इसका ध्‍यान। इन्‍हीं में से एक समस्‍या हैै दांतों और मसूड़ों से खून आना (Bleeding from teeth)। आइए जानते हैं क्‍या है इसके कारण।

ओरल हेल्‍थ है जरूरी

पूरे मुंह की सेहत को ही ओरल हेल्‍थ माना जाएगा। इसमें आपके दांत, मसूड़े, जीभ, गला और दांतो के बीच का हिस्‍सा भी मौजूद है। ओवर ऑल ओरल हेल्‍थ के लिए इस पूरे हिस्‍से की सफाई पर ध्‍यान देना जरूरी है। अगर आप कुछ ऐसी चीजें खाते हैं जो आपके दांतों के लिए नुकसानदायक हैं तो आप अपनी ओरल हेल्‍थ खराब कर रहे हैं।

खराब ओरल हेल्‍थ के लक्षण

मुंह से बदबू आना

जब आप ठीक से ब्रश नहीं करते तो मुंह से बदबू आ सकती है। मुंह से बदबू आना खराब ओरल हेल्‍थ का सबसे शुरूआती लक्षण है। यह मुंह में भोजन के कण रह जाने और उनके सड़ने के कारण आती है। इसलिए जरूरी है कि खाना खाने के बाद रात में ब्रश जरूर करें।

दांतों में कीड़ा लगना

यह समस्‍या अकसर छोटे बच्‍चों में होती है। जो या तो ब्रश नहीं करते या ब्रश करने की सही प्रक्रिया नहीं जानते। इस वजह से दांतों के बीच में फंसा खाना सड़ने लगता है। इसमें पनपने वाले छोटे-छोटे बैक्‍टीरिया दांतों को खोखला करना  शुरू कर देते हैं। इससे बचने के लिए बच्‍चों को छोटी उम्र से ही ब्रश करना सिखाना चाहिए।

दांतों से खून आना

यह पायरिया का लक्षण हो सकता है। कई बार मुंह में चोट लगने के कारण भी दांतों से या मसूड़ों से खून आ सकता है। इस पर तुरंत ध्‍यान देने की जरूरत होती है। पायरिया इतनी खतरनाक बीमारी है कि इस पर ध्‍यान न दिया जाए तो यह गंभीर रूप ले लेती है।

दांतों का रंग बदलना

अमूमन दांतों का रंग सफेद होता है। अगर आपके दांत पीले, काले, नीले या ग्रे होने लगे हैं तो यह भी खराब ओरल हेल्‍थ का संकेत है। दांतों में कीड़ा लगने, चोट लगने या पायरिया की दस्‍तक में भी दांतों का या किसी एक दांत का रंग बदल जाता है। इसके बाद दांत कमजोर होने लगते हैं।

जीभ का रंग

हम जो भी खाना खाते हैं वह दांतों के साथ ही जीभ के भी संपर्क में आता है। इसलिए जीभ की सफाई पर भी पूरा ध्‍यान देना चाहिए। अगर आपकी जीभ पीली या काली दिखाई दे रही है तो इसका अर्थ है कि उस पर भोजन की परत जम गई है। इसे टंग क्‍लीनर से रेगुलर साफ करें।

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