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Migraine symptoms in children: सिर में दर्द होना एक बहुत ही आम-सी बात है क्योंकि, दिनचर्या में किसी भी तरह के बदलाव होने या तबियत खराब होने पर सबसे पहले जो लक्षण दिखायी देते हैं उनमें सिरदर्द भी एक समस्या है। इसी तरह काम का बढ़ता दबाव और उससे होने वाला स्ट्रेस भी सिरदर्द का कारण बन सकता है जबकि, मौसम बदलने, किसी बंद जगह में बहुत देर तक रहने और वहां काम करने से जब शरीर को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलता तो उससे भी लोगों को सिरदर्द की समस्या हो सकती है। जब सिरदर्द बहुत गम्भीर हो तो वह माइग्रेन भी हो सकता है। माइग्रेन की समस्या या गम्भीर सिरदर्द की परेशानी किसी भी व्यक्ति हो सकती है। लेकिन, कई बार माइग्रेन की परेशानी बच्चों में भी देखी जाती है। (Migraine problem in kids in hindi)
पढ़ाई के बढ़ते बोझ, कॉम्पिटिशन में बने रहने के दबाव जैसे कई कारण है जिसकी वजह से बच्चों और टीनएजर्स को भी माइग्रेन की परेशानी हो सकती है। माइग्रेन का दर्द होने पर उन्हें पढ़ाई पर फोकस करने में मुश्किल आ सकती है। इसी तरह गम्भीर माइग्रेन होने पर बच्चों को अन्य कई लक्षण दिखायी दे सकते हैं जैसे, बार-बार उल्टी होना और एंग्जायटी होना। बच्चों में माइग्रेन भी कई तरह के हो सकते हैं जो बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनकी लाइफस्टाइल पर असर डाल सकते हैं। आइए जानें बच्चों में माइग्रेन के कारण और लक्षणों के बारे में, साथ ही जानें बच्चों को माइग्रेन के दर्द से आराम दिलाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स।
एक्सपर्ट्स के अनुसार अलग-अलग कारणों से छोटे बच्चों को भी हल्के सिरदर्द की समस्या हो सकती है वहीं, मेडिकल न्यूज टुडे की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि, बच्चों में टीनएज यानि 13 वर्ष के बाद की उम्र में माइग्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चों और टीनएजर्स को माइग्रेन के दर्द से आराम दिलाने के लिए उन्हें दर्द-निवारक दवाइयां दी जा सकती हैं।
जिन लोगों को माइग्रेन पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण होता है और जिन्हें माइग्रेन के साथ उल्टी की समस्या होती है उन्हें उल्टी रोकने के लिए कुछ दवाए दी जा सकती हैं।
माइग्रेन से पीड़ित लोगों की समस्या मीठी और तली -भुनी चीजें खाने से बढ़ सकती हैं। इसीलिए, माइग्रेन से आराम के लिए लोगों को फ्राइड, प्रोसेस्ड और पैकेटबंद फूड्स खाने से मना किया जाता है। साथ ही इन लोगों को अपनी लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाने के लिए एक्सरसाइज करने और लिक्विड इंटेक बढ़ाने जैसी टिप्स भी दी जाती हैं।
भरपूर नींद ना मिलना भी सिरदर्द का बड़ा कारण है। माइग्रेन से परेशान लोगों को 8-9 घंटे की नींद सोने की सलाह दी जाती है।