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How To Make Strong Liver - चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार लिवर की समस्या के ग्रसित व्यक्ति एड्स से ग्रसित रोगी से भी ज्यादा कमजोर हो जाता है। जिसका मुख्य कारण लिवर का संक्रमण होता है। लिवर के संक्रमित हो जाने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता दिनों दिन कमजोर होती चली जाती है जिससे शरीर अन्य कई बीमारियों की चपेट में आ जाता है। लिवर हमारे शरीर में उपस्थित फुटबॉल के आकार का अंग होता है जो पेट के ऊपरी भाग में पसलियों के पीछे स्थित होता है। लिवर का प्रमुख काम भोजन को पचाना है और इसके साथ-साथ शरीर में आने वाले विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर करना है। यदि आपके ब्लड रिलेशन में किसी को लिवर से जुड़ी समस्या (Liver diseases) है तो ये समस्या आपको भी विरासत के तौर पर संभालनी पड़ सकती है। लिवर प्रॉब्लम्स के जेनेटिक के अलावा भी कई और कारण हो सकते हैं। जैसे- अधिक शराब पीना, वायरस, मोटापा, डायविटीज आदि। लिवर हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो सबसे अधिक तेजी से ठीक होता है, यदि इलाज समय पर और सटीक मिल जाए तो लिवर 90% फेल होने के बाद भी रिकवर हो जाता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे गंभीर लक्षणों के बारे में जो संकेत हैं लिवर से जुड़ी बीमारी के इसके साथ ही जानेंगे 5 ऐसे फूड्स जो करते हैं लिवर को दुरुस्त..
लिवर में समस्या आने पर कई बार उसे खुद भी ठीक किया जा सकता है लेकिन यदि उपाय सही और सटीक ना हो तो ये आपको लिवर सिरोसिस तक ले जा सकता है जो लिवर से जुड़ी सबसे खतरनाक बीमारी है। लिवर से जुड़ी समस्याओं में हमेशा ऐसे लक्षण देखने को नहीं मिलते हैं जिन पर जल्दी से ध्यान जाए। कई बार लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि व्यक्ति न चाहते हुए भी इन्हें नजरअंदाज कर जाता है, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ गंभीर लक्षणों के बारे में जिन्हें देखने के बाद आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों को नियमित रूप से लहसुन का सेवन करना चाहिए। लहसुन में मौजूद सेलेनियम और एल्लीसिन तत्व लिवर को साफ रखने में काफी मदद करते हैं। साथ ही लहसुन खाने से लिवर में मौजूद एंजाइम एक्टिव हो जाते हैं। जिससे लिवर स्ट्रांग होता है।
नींबू का सेवन नियमित रूप से करने पर लिवर की सेहत दुरुस्त रहती है। नींबू में पाया जाने वाला डी-लिमोनेने नामक तत्व लिवर सेल्स को एक्टिव करता है जिससे लिवर पूरी तरह क्लीन रहता है। रोज 1 गिलास नींबू पानी पीने से लिवर तंदुरुस्त रहता है।
लिवर संबंधी रोगों की रोकथाम के लिए हल्दी का प्रयोग भी किया जाता है। इसके लिए गोल्डन मिल्क यानी हल्दी वाला दूध सबसे अच्छा होता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व फैटी लिवर जैसी समस्या से जल्द राहत दिलाता है।
मुलेठी का प्रयोग लिवर के लिए बेहद कारगर माना जाता है, मुलेठी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर पाए जाते हैं जो लिवर की सेहत का ख्याल रखते हैं। यदि आप फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं तो मुलेठी का अर्क लें जल्द आराम मिलेगा।
National Center for Biotechnology Information में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार फैटी लिवर की समस्या को दूर करने में ग्रीन-टी काफी लाभकारी है। यदि आप रोजाना 1 ग्रीन-टी पीते हैं तो इससे फैट बर्न होता है साथ ही लिवर डिटॉक्स होता है।