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क्या है ल्यूकेमिया और इसके शुरुआती लक्षण और संकेत?

क्या है ल्यूकेमिया और इसके शुरुआती लक्षण और संकेत?© Shutterstock.

ल्यूकेमिया ब्लड कैंसर या रक्त के कैंसर का एक प्रकार है जिसके मामले बच्चों में बहुत अधिक देखा जाता है।

Symptoms of Leukemia In Hindi : ल्यूकेमिया (Leukemia) रक्त से संबंधित एक प्रकार का कैंसर (Blood cancer) है, जो बच्चों में अधिक (leukemia in children) होता है। लेकिन, इसका शिकार हर उम्र के लोग हो सकते हैं। ल्यूकेमिया रक्त कोशिकाओं (Blood cells) में होने वाला एक खतरनाक कैंसर है। जब सफेद रक्त कोशिकाओं (White blood cells) की संख्या रेड ब्लड सेल्स (Red blood cells) की तुलना में अधिक हो जाती है, तो ये रेड ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स को कम करने लगती है। (causes of leukemia in hindi)

ल्यूकेमिका के कारण क्या होता है? (causes of leukemia in hindi)

जानकारों के अनुसार, ल्यूकेमिया के सही कारणों का अभी तक किसी को पता नहीं है लेकिन, कुछ स्थितियां ल्यूकेमिया का खतरा बढ़ा सकता है। जैसे फ्री-रैडिकल्स (free-radicals) के सम्पर्क में आने से ल्यूकेमिया का रिस्क बढ़ सकता है। इसके अलावा, स्मोकिंग जैसी आदतें और कुछ मामलों में अनुवांशिकी के कारण ल्यूकेमिका का रिस्क अधिक होता है।

सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) की संख्या सही और पर्याप्त मात्रा में हो। इसका भी सही तरह से काम करना जरूरी है। हालांकि, इसके लक्षणों और संकेतों को पहचानकर इलाज समय पर शुरू कर दिया जाए, तो इस बीमारी से बचाव संभव है। आखिर कोई कैसे पहचाने की ल्यूकेमिया के शुरुआती लक्षण और संकेत (Symptoms of Leukemia in Hindi) क्या हैं? आइए जानते हैं उन संकेतों और लक्षणों के बारे में जो ल्यूकेमिया होने की तरफ करते हैं इशारा

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1. त्वचा का पीला पड़ जाना

यदि आपको कुछ दिनों से लग रहा है कि आपकी त्वचा पीली नजर आ रही है, तो सावधान हो जाएं। त्वचा पीली होना जॉन्डिस का भी एक मुख्य लक्षण है, लेकिन अधिक दिनों तक त्वचा पीली दिखाई दे, तो यह ल्यूकेमिया का शुरुआती लक्षण (Symptoms of leukemia) भी हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ल्यूकेमिया कैंसर (Cancer in hindi) होने पर लाल रक्त कोशिकाओं की वृद्धि रुक जाती है। (initial symptoms of leukemia in hindi)

2. अधिक ब्लीडिंग होना

महिलाओं में यदि ल्यूकेमिया (leukemia in hindi) होता है, तो पीरियड्स के दिनों में ब्लीडिंग (heavy bleeding during periods) अधिक होने लगती है। ऐसा रेड ब्लड सेल्स की संख्या में कमी आने से होता है। हालांकि, पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग होने के कई अन्य कारण (reasons of heavy bleeding during periods) भी हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क कर लेना फायदेमंद होगा। ( important symptoms of leukemia in hindi)

3.थकान महसूस करना

यदि दिन ब दिन आपकी शारीरिक ऊर्जा में कमी आ रही है और बिना काम किए ही थका (fatigue) हुआ महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज ना करें। ल्यूकेमिया या शरीर में खून की कमी होने पर भी ये लक्षण नजर आते हैं। अत्यधिक थकान महसूस करना गंभीर परेशानी हो सकती है। (serious symptoms of leukemia in hindi)

4.संक्रमण और बुखार होना

सफेद रक्त कोशिकाएं (White blood cells) शरीर को कई बीमारियों से बचाने का काम करती हैं। जब ये बढ़ जाते हैं, तो व्यक्ति को अक्सर बुखार और संक्रमण की समस्याएं परेशान करने लगती हैं। ल्यूकेमिया होने पर सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगती है।(symptoms of leukemia on skin in hindi)

5. चोट जल्दी ना भरना

आपको कोई चोट या घाव हुआ है और वह जल्दी ना भरे, तो यह भी ल्यूकेमिया का शुरुआती संकेत और लक्षण (symptoms of leukemia in hindi) हो सकता है। वैसे, डायबिटीज होने पर भी घाव या चोट जल्दी नहीं भरते, बेहतर है कि आप अपनी जांच करवा लें। चोट जब खुद से ठीक ना हो, तो ऐसा ल्यूकेमिया के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी होने से होता है। इससे चोट को भरने या ठीक होने में काफी वक्त लग सकता है।

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