बच्चों में आम से दिखने वाले ये लक्षण हो सकते हैं हेपेटाइटिस का संकेत, एक्सपर्ट से जानें बचाव के उपाय

Hepatitis In Children: बच्चों में हेपेटाइटिस होने पर कुछ लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें पेरेंट्स को गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : August 22, 2025 11:58 AM IST

Hepatitis Symptoms In Children: लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो मेटाबोलिज़्म, डिटॉक्सिफिकेशन और पोषक तत्वों के भंडारण के लिए जिम्मेदार है। इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने से बच्चे की वृद्धि, ऊर्जा स्तर और संपूर्ण स्वास्थ्य पर व्यापक असर पड़ सकता है। हेपेटाइटिस, जिसका अर्थ है यकृत (लिवर) में सूजन, एक ऐसी स्थिति है जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है, यहां तक कि बच्चों को भी। अक्सर इसे वयस्कों की बीमारी माना जाता है, लेकिन बच्चों में हेपेटाइटिस को अब विश्वभर में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या के रूप में पहचाना जा रहा है। बच्चों में हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर पहचान और इलाज से बड़ा अंतर आ सकता है। दुर्भाग्य से, इसके शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जिससे निदान में देरी हो सकती है। आज इस लेख में डॉ श्रद्धा सालुंखे, प्रोफेसर - बाल रोग, डॉ। डी।वाई। पाटिल मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, पिंपरी पुणे से जानते हैं बच्चों में हेपेटाइटिस के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से -

बच्चों में हेपेटाइटिस के लक्षण - Symptoms Of Hepatitis In Children In Hindi

हेपेटाइटिस का सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण पहलू यह है कि इसके लक्षण कई सामान्य बचपन की बीमारियों (जैसे वायरल फीवर, पेट के संक्रमण या पोषण की कमी) से मिलते-जुलते हो सकते हैं। फिर भी, कुछ मुख्य संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना): यह हेपेटाइटिस का प्रमुख लक्षण है।
  • थकान और कमजोरी: बच्चे सामान्य से अधिक थके हुए लग सकते हैं।
  • भूख न लगना: अक्सर बच्चा खाना खाने से मना करता है।
  • उल्टी और मतली: बार-बार उल्टी हो सकती है।
  • पेट दर्द: खासकर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द।
  • गाढ़ा रंग का मूत्र: मूत्र का रंग गहरा भूरा होना।
  • फीका या मिट्टी जैसा मल: पित्त प्रवाह बाधित होने पर ऐसा होता है।

अगर बच्चे में ये लक्षण एक साथ दिखें, खासकर पीलिया के साथ गाढ़ा मूत्र या फीका मल, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों में हेपेटाइटिस के कारण - Causes Of Hepatitis In Children In Hindi

हेपेटाइटिस एक बीमारी नहीं, बल्कि कई अलग-अलग कारणों से होने वाली स्थिति है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

वायरल संक्रमण

हेपेटाइटिस A: दूषित भोजन और पानी से फैलता है। आमतौर पर अल्पकालिक और स्वयं ठीक होने वाला।

हेपेटाइटिस B: संक्रमित खून या शारीरिक द्रवों से फैलता है। यह मां से बच्चे में जन्म के समय भी जा सकता है। लंबे समय तक रहने पर लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

हेपेटाइटिस C: बच्चों में कम होता है, लेकिन असुरक्षित रक्त चढ़ाने या चिकित्सा प्रक्रियाओं से हो सकता है।

ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से लिवर पर हमला करती है। यह दुर्लभ है लेकिन लंबे समय तक दवाओं से इलाज की आवश्यकता पड़ती है।

विषाक्त पदार्थ और दवाइयां

कुछ दवाइयां (जैसे पेरासिटामोल की अधिक मात्रा) या हानिकारक रसायनों के संपर्क से लिवर को नुकसान हो सकता है।

आनुवंशिक विकार

विल्सन रोग (कॉपर का जमा होना)

अन्य कारण

वसा या पित्त चयापचय की गड़बड़ियां भी कारण हो सकती हैं।

कुपोषण, अन्य संक्रमणों की जटिलता या अज्ञात कारणों से भी हेपेटाइटिस हो सकता है।

बच्चों में हेपेटाइटिस का इलाज - Treatment Of Hepatitis In Children In Hindi

बच्चों में हेपेटाइटिस का इलाज बच्चे की स्थिति और कारण पर निर्भर करता है:

सहायक देखभाल

आराम, पौष्टिक और हल्का भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ, तैलीय और प्रोसेस्ड भोजन से परहेज।

दवाइयां

हेपेटाइटिस B या C में एंटीवायरल दवाइयां।

ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस में इम्यूनोसप्रेसिव दवाइयां (जैसे स्टेरॉयड)।

लिवर को सपोर्ट करने वाली दवाइयां।

अस्पताल देखभाल

गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती की ज़रूरत पड़ सकती है। दुर्लभ स्थितियों में लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता हो सकती है।

जीवनशैली और निगरानी

डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें। नियमित ब्लड टेस्ट और फॉलो-अप ज़रूरी हैं।

रोकथाम ही सबसे अच्छा बचाव

टीकाकरण: हेपेटाइटिस A और B के टीके बेहद प्रभावी हैं।

स्वच्छता: हाथ धोना, साफ पानी पीना, स्वच्छ भोजन करना।

सुरक्षित चिकित्सकीय प्रथाएं: हमेशा स्टरलाइज्ड सुइयों और सुरक्षित रक्त चढ़ाने का इस्तेमाल।

स्वस्थ आदतें: अनावश्यक दवाइयों से बचें, पोषक आहार लें और हानिकारक रसायनों से बच्चों को दूर रखें।

बच्चों में हेपेटाइटिस माता-पिता के लिए चिंताजनक हो सकता है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से अधिकांश मामलों में परिणाम अच्छे होते हैं। अगर बच्चा लगातार थका हुआ है, पीलिया है, गाढ़ा मूत्र या पेट दर्द है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। जागरूकता, सतर्कता और सही देखभाल से बच्चे न केवल स्वस्थ हो सकते हैं बल्कि भविष्य की लिवर संबंधी जटिलताओं से भी बच सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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