Advertisement

बच्चों में डिस्लेक्सिया के संकेत हैं उनमें दिखने वाले ये 5 असामान्य लक्षण, जानिए इस रोग के बारे में

Symptoms Of Dyslexia Hindi: यदि आपका बच्चा शब्दों को सही ढंग से बोलने या लिखने में परेशानी महसूस (पढ़ने लिखने की अक्षमता) करता है, तो उसे डिस्लेक्सिया हो सकता है।

Written By Atul Modi
Published : January 13, 2021 1:46 PM IST

डिस्लेक्सिया (Dyslexia Definition) बच्चों में होने वाली एक अक्षमता है जो बच्चों की पढ़ने लिखने की क्षमता को प्रभावित करती है। यह किसी भी बच्चे को हो सकती है और इसमें बच्चे कुछ अक्षरों को या कुछ शब्दों को याद नहीं कर पाते हैं। यह कोई बीमारी नहीं है जिस कारण बच्चों को शर्मिंदा महसूस होना पड़े। बल्कि यह केवल एक अक्षमता है। यह आपके बच्चों में भी हो सकती है। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि कहीं आपके बच्चे तो इसके शिकार नहीं हैं तो आपको यह निम्न असामान्य लक्षण नजरंदाज नहीं करने चाहिए क्योंकि यह डिस्लेक्सिया के लक्षण (Symptoms Of Dyslexia) हो सकते हैं।

बच्‍चों में डिस्‍लेक्सिया होने के लक्षण - Symptoms Of Dyslexia In Children

1. पढ़ने में दिक्कत आना

जिन बच्चों को यह समस्या होती है उन्हे अधिकतर पढ़ते समय मुश्किल महसूस होती है। वह भाषा, अक्षर व शब्दों को पढ़ पाने में कठिनाई महसूस करते हैं। ऐसे बच्चे अन्य बच्चों के मुकाबले धीरे धीरे पढ़ पाते हैं और कुछ अक्षरों को गलत भी पढ़ लेते हैं। वह दूसरों के सामने पढ़ने में झिझक भी महसूस करते हैं।

Advertisement

2. संख्या पढ़ने में मुश्किल होना

डिस्लेक्सिया से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा मुसीबत गणित जैसे विषय में आती है। उन्हें जोड़ने, घटाने व अन्य फॉर्मूला निकालते समय बहुत ज्यादा मुसीबत महसूस होती है। वह ज्यादा लंबी संख्या के साथ कैलकुलेशन नहीं कर पाते हैं और उन्हें रंगों के नाम व महीनों के नाम याद करने में भी दिक्कत होती है।

3. लिखाई (राइटिंग) स्‍पष्‍ठ न होना

इस समस्या से जूझ रहे बच्चों की लिखाई सामान्य बच्चों की लिखाई से थोड़ी गंदी होती है। आपको अपने बच्चे का लिखने व पेन या पेंसिल पकड़ने का अंदाज भी चेक करना चाहिए। आपको उसकी पढ़ते समय हर छोटी छोटी बातों को नोट करना चाहिए। उसे व्याकरण व संकेतों को पढ़ने व लिखने में भी बाकी बच्चों से ज्यादा मुसीबत महसूस होती है।

Advertisement

4. एक साथ अधिक सूचनाओं को न समझ पाना

यदि आप अपने बच्चे को एक साथ बहुत अधिक जानकारी दे देते हैं और वह सारी चीजें भूल जाता है या समझ नहीं पाता, तो हो सकता है आपका बच्चा डिस्लेक्सिया का शिकार हो। ऐसा इस कारण भी होता है क्योंकि ऐसे बच्चों की पढ़ने व याद करने की क्षमता कम होती है। इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा जानकारी एक साथ समझने में व उसका पालन करने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप धीरे धीरे उन्हें समझाएंगे तो वह समझ जाएंगे।

5. रूक रूककर बोलते समय अधिक समय लेना

जो बच्चा डिस्लेक्सिया का शिकार होगा वह बोलना सीखने में अधिक समय ले सकता है। उनका बोलने का व सीखने का प्रोसीजर बाकी बच्चों के मुकाबले धीमा होता है। अतः यदि वह ऐसा करते हैं तो उन पर गुस्सा होने की बजाय उन्हें प्यार से हर चीज समझाएं। ऐसे बच्चे कोई भी नया शब्द बोलने में व लिखने में भी दिक्कत महसूस करते हैं और उन्हें दूसरों के सामने कुछ भी बोलने व पढ़ने में झिझक महसूस होती है।

यदि आपका बच्चा भी डिस्लेक्सिया का शिकार है तो आपको उसे धीरे धीरे हर चीज सिखानी होगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी बीमारी का शिकार है या आपको उसे डॉक्टर के पास ले जाने की जरूरत है। वह धीरे धीरे स्वयं ही सारी चीजें सीख जाएगा परन्तु इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

About the Author

  • twitter

... Read More