Diabetic neuropathy होने के लक्षण
रेत पर नंगे पैर चलते समय दर्द का सामना करना डायबिटिक न्यूरोपैथी का लक्षण हो सकता है।
डायबिटीज एक गंभीर समस्या है, इस रोग से पीड़ित 50 से 70 फीसदी लोगों को न्यूरोपैथी होने का खतरा होता है। इसके अलावा डायबिटीज के हर तीन में एक मरीज को नर्व डैमेज की शिकायत होती है। ऐसा पैरों के 50 से 75 फीसदी नॉनट्रॉमेटिक एम्प्टाशन होने के कारण होता है। वैसे ब्लड ग्लूकोज लेवल कंट्रोल करने से आपको नर्व डैमेज को रोकने में मदद मिल सकती है। दिल्ली के साकेत क्षेत्र स्थित मैक्स हेल्थकेयर हॉस्पिटल में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर सुजीत झाआपको डायबिटिक न्यूरोपैथी के कुछ सामान्य लक्षण बता रहे हैं।
डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण
डायबिटीज का नसों पर प्रभाव पड़ रहा है इसके लक्षणों में पैरों या तलवों में दर्द होना शामिल है। आपको इस लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत इलाज कराना चाहिए। स्थिति गंभीर होने पर आप पैरों में ऐसी झनझनाहट और जलन हो सकती है जैसे कोई सुई चुभा रहा हो। इतना ही नहीं समय के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है और आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे पैरों में बिजली का झटका लग रहा है।
इसके अन्य लक्षणों में पैरों में अधिक गर्मी या सर्दी महसूस होना है। इसके अलावा पैरों में ऐंठन हो सकती है और चलते समय पैरों में दर्द हो सकता है। जिसे अक्सर 'पत्थर पर नंगे पैर चलना' या 'गर्म रेत पर नंगे पैर चलना' कहा जाता है।
कुछ ऐसे मामले जिनका इलाज बीच में छोड़ दिया जाता है, उन्हें पैरों में दर्द होता है और यह दर्द धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ता हुए पूरे पैर को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। ऐसा होने पर ऊपरी अंग भी प्रभवित हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात ऐसा रात के समय अधिक होता है जिससे मरीज दिनभर थकान महसूस करता है। इससे उसके सामान्य कामकाज और जीवन पर बुरा असर पड़ता है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock