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इस बीमारी में धीरे-धीरे खराब होती हैं किडनी, 10 में से 7 मरीजों की किडनी भी हो सकती है फेल

हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण किडनियों को बहुत अधिक नुकसान पहुंच सकता है। इसी तरह किडनी फेलियर जैसी स्थितियों का रिस्क भी डायबिटीज मरीजों में अधिक होता है।

इस बीमारी में धीरे-धीरे खराब होती हैं किडनी, 10 में से 7 मरीजों की किडनी भी हो सकती है फेल

Written by Sadhna Tiwari |Updated : March 13, 2025 7:21 PM IST

Diabetic Kidney Disease: किडनी से जुड़ी बीमारियां जहां आज मॉडर्न लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गयी हैं वहीं, कुछ अन्य बीमारियों में मरीजों की किडनी खराब होने का खतरा भी अधिक होता है। जैसे डायबिटीज या मधुमेह के मरीजों में किडनी की बीमारी होने की संभावना अन्य लोगों की तुलना में अधिक होती है। किडनी से जुड़ी बीमारियों और किडनी फेलियर का रिस्क भी डायबिटीज मरीजों में बहुत अधिक देखा जा रहा है। इस स्थिति को डायबेटिक नेफ्रोपैथी भी कहा जाता है। किडनी फेलियर का रिस्क टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज दोनों में ही देखा जाता है।

किडनी हमारे शरीर में जमा टॉक्सिंस को साफ करने का काम करती है लेकिन, डायबिटीज के मरीजों में किडनी की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है जिससे किडनी के लिए काम करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इस वजह से किडनियां धीरे-धीरे डैमेज होती रहती हैं और आखिरकार किडनी फेल भी हो सकती है।

डॉ. अविनंदन बैनर्जी (Dr. Avinandan Banerjee, Senior Consultant Neurologist and Transplant Physician, CMRI Hospital ) कहते हैं कि डायबिटीज और हाइपरटेँशन दोनों ही बीमारियां भारत में खतरनाक स्तर से बढ़ रही हैं। लेकिन, लोगों को इन दोनों ही बीमारियों के खतरे और किडनी पर इनके प्रभाव के बारे में बहुत कम जानकारी है। जैसा कि किडनी की बीमारियों में शुरूआत में कोई संकेत दिखायी नहीं देते हैं इसीलिए, शुरूआत में इन बीमारियों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। इसीलिए, हम हाइपरटेंशन (Hypertension), मोटापे और डायबिटीज (diabetes), हार्ट डिजिज और स्ट्रोक के मरीजों को रेग्यूलर्ली अपनी किडनी की जांच कराने की सलाह देते हैं। इसी तरह जिन लोगों के परिवार में अन्य लोगों को किडनी की बीमारियां हैं उन्हें भी यूरिन टेस्ट और यूरिया क्रिएटिनिन टेस्ट जरूर कराएं।

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डायबेटिक किडनी डिजीज के लक्षण क्या हैं?-Symptoms Of Diabetic Kidney Disease

मधुमेह के मरीजों में डायबेटिक किडनी डिजिज के लक्षण (Signs and symptoms of diabetic kidney disease)  थोड़ी देर से दिखायी देते हैं। इसीलिए, जब तक बीमारी पकड़ में आती है तब तक काफी देर हो चुकी होती है और बीमारी भी गम्भीर हो सकती है। आमतौर पर बीमारी के दूसरे स्टेज में लक्षण स्पष्ट  और गम्भीर होने लगते हैं।  डायबेटिक किडनी डिजिज के दूसरे स्टेज में इस तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज ना करें-

  • ब्लड प्रेशर लेवल तेजी से बढ़ना या लो बहुत तेजी से ब्लड प्रेशर का कम हो जाना
  • बार-बार पेशाब लगना
  • बहुत अधिक थकान महसूस करना
  • हथों-पैरों में सूजन बढ़ जाना
  • आंखों के आसपास सूजन बढ़ना
  • उलझन या मतिभ्रम
  • सांस लेने में कठिनाई
  • भूख ना लगने की समस्या
  •  उल्टी और उबकाई आना
  • स्किन में खुजली

अगर आपको इनमें से 2 या उससे अधिक लक्षण दिखायी दें तो तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपने टेस्ट कराएं।

डायबिटीज में किडनी फेलियर से बचने के उपाय

अपनी किडनियों को स्वस्थ रखने के लिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए सबसे पहले उन्हें अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना होगा। साथ ही इन बातों का ध्यान रखें-

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  • हाइपरटेंशन की समस्या हो तो अपने ब्लड प्रेशर लेवल को भी संतुलित रखें।
  • डॉक्टर द्वारा बतायी गयीं दवाओं का सेवन समय पर और सही मात्रा में करें।
  • प्रोसेस्ड फूड और  जंक फूड से परहेज करें। इसके अलावा बहुत मीठी चीजों और ड्रिंक्स का सेवन ना करें।
  • शक्कर और नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें, हो सके तो इनका सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।