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डिप्रेशन के शिकार लोगों में सबसे पहले दिखते हैं ये लक्षण, ना करें नज़रअंदाज़

तनाव और डिप्रेशन का असर शरीर पर भी पड़ता है।  इससे, शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। इनकी पहचान करने से स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए आवश्यक उपाय अपनाए जा सकते हैं। इस लेख में पढ़िए उन समस्याओं के बारे में जो डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकती हैं-

डिप्रेशन के शिकार लोगों में सबसे पहले दिखते हैं ये लक्षण, ना करें नज़रअंदाज़
The significance of health’s vital signs is in the word itself. Vital signs are the indicator of your overall body functions. Therefore, it is monitored to know how well your body performs its functions.

Written by Sadhna Tiwari |Updated : July 28, 2020 4:13 PM IST

Symptoms of Depression:स्ट्रेस य तनाव ऐसे शब्द हैं जिनसे शायद ही कोई अनजान हो। आज हमारे आसपास हर दूसरा तीसरा व्यक्ति यह कहता नज़र आएगा कि उसे स्ट्रेस महसूस हो रहा है। तो वहीं, अक्सर आसपास के लोग डिप्रेशन (Depression) से गुज़रने या उससे परेशान होने की बातें भी करते हैं।  काम से जुड़ी प्रतियोगिता, आर्थिक स्थिति, बीमारियां और कमज़ोर सेहत से लेकर कई कारण हैं जो व्यक्ति को तनाव का शिकार बनाते हैं। यह तनाव गम्भीर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाता है।  स्ट्रेस (Stress) से गुज़र रहे व्यक्ति को ना केवल मानसिक स्तर पर परेशानी होती है। बल्कि, तनाव और डिप्रेशन का असर शरीर पर भी पड़ता है।  इससे, शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। (Symptoms of Depression) इनकी समय पर पहचान कर, इससे स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए आवश्यक उपाय अपनाए जा सकते हैं। आइए जानें कि कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण-

क्या हैं डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण (Symptoms of Depression) :

कमज़ोर इम्यूनिटी

डिप्रेशन और स्ट्रेस सबसे पहले शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है। शरीर में जब कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, तो बीमारियों से लड़ने वाली रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells) का स्तर कम होने लगता है। इससे, बीमारियों का सामना करने की शरीर की क्षमता भी कमज़ोर होने लगती है। इससे आप बार-बार बीमार होने लगते हैं। Low Immunity can be among Symptoms of Depression)

इटिंग डिसॉर्डर

यह समस्या खासकर महिलाओं में दिखायी पड़ती है। जहां, तनाव बढ़ने के कारण बहुत अधिक भूख लगने लगती है। इससे, व्यक्ति बार-बार भोजन करता है और अनहेल्दी इटिंग के कारण पेट से जुड़ी परेशानिया, कोलेस्ट्रॉल और मोटापा जैसी परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं। इसीलिए जब आपके खाने-पीने की आदतों में बदलाव आ जाए तो, ध्यान दें, यह डिप्रेशन का एक लक्षण हो सकता है।

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दर्द ना सह पाना

विभिन्न रिसर्च और स्टडीज़ में दावा किया गया है कि डिप्रेशन या स्ट्रेस होने पर लोगों की दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता कम होने लगती है। लोगों को छोटी-मोटी चोट लगने पर भी उन्हें बहुत ज़्यादा तकलीफ होती है। दरअसल, तनाव से शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। जिससे, वह दर्द नहीं सहन कर पाता।

सेंसिटिव स्किन

स्ट्रेस से त्वचा पर भी असर पड़ता है। इससे,  स्किन की सेंसिटिविटी यानि संवेदनशीलता भी तनाव और डिप्रेशन जैसी परेशानियों से बढ़ जाती है। दरअसल, जब तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ता है तो, इंस्टेटाइन में माइक्रोबियम प्रक्रिया प्रभावित होती है। तो,  इससे दिमाग और हमारी स्किन पर भी असर दिखायी पड़ने लगता है।

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मीठा खाने की क्रेविंग्स

स्ट्रेस महसूस करने वाले लोगों को अचानक से बहुत अधिक मीठा खाने की इच्छा होने लगती है। जिसके चलते लोग बहुत अधिक शक्कर, शहद, कैंडी और अन्य मीठे खाद्य पदार्थ खाने लगते हैं। दरअसल, तनाव होने पर शरीर को बहुत अधिक कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है और मीठा खाने की इच्छा भी इसी के चलते बढ़ जाती है।