ब्लड टेस्ट से वर्षों पहले हो सकती है कैंसर की पहचान, एक्सपर्ट्स ने किया दावा

साइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि एक साधारण से ब्लड टेस्ट की मदद से अब वर्षों पहले ही कैंसर का पता लग सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस टेस्ट की मदद से यह बात समझने में मदद होगी कि, किसी पीड़ित व्यक्ति को कैंसर किस प्रकार का है और यह समस्या कितनी गम्भीर है। साइंटिस्ट के अनुसार, इस टेस्ट से शरीर में ट्यूमर या गांठ का पता लगाने में भी मदद होगी।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Published : July 28, 2020 6:58 PM IST

Symptoms of Cancer: कैंसर जानलेवा भी हो सकता है। इसीलिए, लोग कैंसर का पता चलते ही इसका जल्द से जल्द इलाज कराते हैं।  लेकिन, कई बार  कैंसर का पता लगने में काफी देर हो जाती है। जिससे, यह समस्या काफी गम्भीर हो जाती है। लेकिन, साइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि एक साधारण से ब्लड टेस्ट की मदद से अब वर्षों पहले ही कैंसर का पता लग सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस टेस्ट की मदद से यह बात समझने में मदद होगी कि, किसी पीड़ित व्यक्ति को कैंसर किस प्रकार का है और यह समस्या कितनी गम्भीर है।

साइंटिस्ट के अनुसार, इस टेस्ट से शरीर में ट्यूमर या गांठ का पता लगाने में भी मदद होगी। यह नहीं एक्सपर्ट्स की अनुसार, इस तरह से जांच कराने पर इस बात का भी अनुमान लगाया जा सकता है कि टेस्ट कराने वाले व्यक्ति को कैंसर होने का खतरा है या नहीं। (Symptoms of Cancer in hindi.)

ब्लड टेस्ट से वर्षों पहले हो सकती है कैंसर की पहचान:

स्टैनफोर्ट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन द्वारा विकसित इस ब्लड टेस्ट से कैंसर का पता लगाने की बात कही जा रही है। डॉक्टरो के अनुसार इस तरीके से डॉक्टरों को यह सरलता से पता लग सकेगा कि, इलाज कराने वाले व्यक्ति को किस टाइप का कैंसर होगा। यह टेस्ट ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने में मददगार साबित हो सकता है। इस नये ब्लड टेस्ट की मदद से सही स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जहां अभी तक ट्‍यूमर का पता लगाने के लिए अधिक वक़्त लग जाता है। पर उम्मीद जतायी जा रही है कि, इस ब्लड टेस्ट की मदद से अब जल्द से जल्द इसका पता लगाया जा सकेगा।

कैसे काम करती है यह तकनीक:

साइंटिस्ट के अनुसार शरीर में कैंसर सेल्स लगातार बनते और नष्ट होती रहती हैं। जिनके डीएनए लगातार ब्लड में घुलते जाते हैं। इसीलिए, ब्लड टेस्ट की मदद से इन सेल्स डीएनए कैंसर का पता लगाने में सहायता करेंगे।  साइंटिस्ट का तर्क है कि, जब किसी पीड़ित का कैंसर बहुत गम्भीर होता है तो, उससे संबंधित डीएनए की मात्रा का स्तर रक्त में बहुत कम हो जाता है। इससे, कई बार कैंसर का पता लगाने में मुश्किल होती है।  लेकिन, इस नये ब्लड टेस्ट की मदद से एक ऐसा तरीका खोजा गया है, जिसकी मदद से खून में तैर रहे डीएनए फील्ड की दो स्तरों पर जांचा जा सकेगा।

इस नये प्रकार के ब्लड टेस्ट में ट्‍यूमर डीएनए में मौजूद सूक्ष्म कणों को पता लगाया जा सकेगा। साथ हीइस टेस्ट में यह भी पता लगाए जाने की कोशिश की जाएगी कि ट्रीटमेंट के लिए कैंसर की प्रतिक्रिया कैसी है। इससे, डॉक्टर को सही उपचार टेक्निक अपनाने में मदद होगी।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source