Breast Cancer Awareness Month: ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए स्तनों की देखभाल के 5 जरूरी टिप्स

अक्टूबर महीना 'ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ' (Breast Cancer Awareness Month) के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। 2006 में अक्टूबर महीने को 'ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ' घोषित किया गया था। विश्वभर में महिलाओं में होने वाला कॉमन कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर। यदि आप स्तन कैंसर से बचना चाहती हैं, तो अपने ब्रेस्ट की देखभाल करने के लिए फॉलो करें ये 5 जरूरी टिप्स...

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Written By: Anshumala | Updated : October 2, 2020 11:02 AM IST

Tips for Breast Care in Hindi: अक्टूबर महीना 'ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ' (Breast Cancer Awareness Month) के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। 2006 में अक्टूबर महीने को 'ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ' (October is Breast Cancer Awareness Month) घोषित किया गया था। विश्वभर में महिलाओं में होने वाला कॉमन कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर। पूरे महीने महिलाओं को अपने स्तनों की देखभाल, ब्रेस्ट से संबंधित समस्याओं और स्तन कैंसर (Breast cancer in hindi) के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम, अभियान चलाए जाते हैं। ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। इसके लिए जरूरी है अपने स्तनों की प्रॉपर जांच, देखभाल करने की। हर महिला को अपने स्तनों के आकार, इससे संबंधित किसी भी तरह की समस्या के प्रति सचेत रहना बेहद जरूरी है, ताकि ब्रेस्ट कैंसर से बचाव (Symptoms of Breast cancer) कर सकें।

यदि आप ब्रेस्ट कैंसर से बचना चाहती हैं, तो आपको अपने ब्रेस्ट की सही तरीके से देखभाल (Breast Care in hindi) करने की जरूरत है, क्योंकि स्तन शरीर के सबसे नाजुक हिस्सों में से एक होता है। स्तनों की देखभाल (tips to take care of  boobs) के प्रति लापरवाही बरतना ठीक नहीं है। इससे आपके ब्रेस्ट का साइज खराब हो सकता है, स्तनों ढीले हो सकते हैं, यहां तक की ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) होने का खतरा भी बढ़ सकता है। जानें, ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast cancer in hindi) और स्तनों की देखभाल करने के कुछ जरूरी टिप्स...

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast cancer in hindi)

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों में सबसे पहले आपको ब्रेस्ट में गांठ, अंडरआर्म्स में दर्द या उभार नजर आने लगेगा।

निप्पल से तरल पदार्थ आना या पपड़ी बनना।

स्तन पर लाल रंग के निशान या सूजन आना।

ब्रेस्ट के आकार में बदलाव होना।

ब्रेस्ट पर फोड़ा, घाव होना जो काफी समय से ठीक ना हो रहा हो।

हेल्दी डायट लें

हर महिला को अपनी डायट में पौष्टिक चीजों को शामिल करना चाहिए। इसके लिए आप सोया, अनाज, हरी सब्जियां, मसूर आदि जरूर खाएं।इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो स्तन कैंसर के खतरे को कम करते हैं।

शारीरिक गतिविधियों में ना करें कमी

आपको प्रत्येक दिन 30 मिनट एक्सरसाइज करना चाहिए। ब्रेस्ट से संबंधित एक्सरसाइज जैसे स्तनों की मालिश करें। शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। स्विमिंग, बास्केटबॉल खेलने से ब्रेस्ट के टिशूज में कसाव आता है। इसके अलावा, आप एरोबिक्स, योग भी कर सकती हैं। इन सभी एक्टिविटीज से स्तनों में सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन होता है।

कम करें कैफीन का सेवन

यदि आप पूरे दिन 6-7 कप चाय-कॉफी पी जाती हैं, तो इस आदत को बदल दें। ग्रीन टी का सेवन करना बेहतर विकल्प है। ग्रीन टी वजन कम करता है और त्वचा में चमक भी लाता है।

सिट्रस फलों का सेवन है जरूरी

जितना हो सके खट्टे फलों जैसे नींबू, जामुन, संतरा, कीवी आदि का सेवन करें। विटामिन ए, ई और सी युक्त फलों का सेवन करने से ब्रेस्ट असमय ढीले भी नहीं होते हैं।

धूम्रपान से बनाएं दूरी

धूम्रपान करती हैं, तो इस आदत को भी छोड़ दें। इससे कम उम्र में ही आप बूढ़ी लगने लगेंगी। स्मोकिंग शरीर के इलास्टिन को तोड़ता है, जिससे ब्रेस्ट की स्किन ढीली होने के साथ ही इनका आकार भी बिगड़ जाता है।

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