Osteomyelitis: जानलेवा हो सकता है बच्चों की हड्डी में संक्रमण, कौन से हैं वे लक्षण जिन्हें नहीं करना चाहिए इग्नोर

Bone Infection in Children: बच्चों की हड्डी में संक्रमण होना जिसे ओस्टियोमायलाइटिस भी कहा जाता है, एक बेहद गंभीर समस्या बन सकती है। इसलिए समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और इलाज शुरू करना बेहद जरूरी होता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : November 4, 2025 8:18 PM IST

Osteomyelitis in Children: बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, क्योंकि वह उम्र के साथ-साथ धीरे-धीरे विकसित होती है। यही कारण है कि बच्चे अक्सर जल्दी संक्रमण की चपेट में आकर बीमार पड़ जाते हैं। लेकिन संक्रमण सिर्फ सर्दी-जुकाम से जुड़ा ही नहीं बल्कि उनके शरीर के अन्य हिस्सों में भी संक्रमण होने का उतना ही खतरा रहता है। हड्डी में संक्रमण होने का खतरा भी बच्चों में काफी ज्यादा होता है, जिस स्थिति को ओस्टियोमायलायटिस कहा जाता है। अगर आपको लगता है कि बच्चों की हड्डी में संक्रमण होना एक दुर्लभ बीमारी है, तो ऐसा आप गलत सोच रहे हैं। क्योंकि यह भी एक आम बीमारी है और धीरे-धीरे विकसित होता है। जब तक माता-पिता इसे नोटिस नहीं कर पाते तब तक स्थिति गंभीर हो जाती है। इसलिए, इसकी जल्दी पहचान करना और तुरंत इलाज शुरू करना सबसे जरूरी है। डॉक्टर सोमेश विरमानी, एसोसिएट डायरेक्टर एंड हेड, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक, सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 फरीदाबाद ने इस बारे में कुछ खास जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हर पेरेंट्स को इस बारे में जानना चाहिए।

कैसे होता है बच्चों में हड्डी का संक्रमण

ओस्टियोमायलाइटिस एक प्रकार का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है और यह तब होता है जब बैक्टीरिया खून के जरिए हड्डी तक पहुंचाता है और उसे संक्रमित कर देता है। यह आमतौर पर लंबी हड्डियों जैसे कि टांग की हड्डी (टिबिया), बांह की हड्डी (ह्यूमरस) और जांघ की हड्डी (फीमर) में होता है। एक रिसर्च के में यह पाया गया कि हर साल औसतन इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

इसके अलावा हड्डी में संक्रमण के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे हड्डी में फ्रैक्चर होना (Open Fracture), किसी अन्य कारण से इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाना या फिर बैक्टीरिया के संपर्क में ज्यादा आना।

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किन बच्चों में ज्यादा खतरा

यह देखा गया है कि हड्डी में संक्रमण का यह लक्षण लड़कियों की तुलना में लड़कों में ज्यादा पाया जाता है। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों में यह ज्यादा पाया जाता है, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। वहीं 10 से 15 साल के बच्चों में इसके मामले अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं।

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लक्षणों की पहचान कैसे करें

इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के या भ्रमित करने वाले होते हैं। उदाहरण के लिए अगर बच्चे की टांग की हड्डी में इन्फेक्शन होता है, तो चलते समय दिक्कत आना या लंगड़ा कर चलना इसके कुछ लक्षण हो सकते हैं। जब संक्रमण हो रहा होता है, तो उस दौरान बुखार भी आता है लेकिन ऐसा हर बार होना भी जरूरी नहीं है। बच्चों की हड्डियों में ग्रोथ प्लेट्स होती हैं, जहाँ खून का प्रवाह अधिक होता है, इसलिए संक्रमण तेजी से फैलता है।|

हड्डी में संक्रमण की जांच व इलाज

डॉक्टर खून की जांच (सीबीसी और ईएसआर), एक्स-रे, एमआरआई और कभी-कभी संक्रमण की पहचान के लिए कल्चर (फ्लूइड कल्चर, ब्लड कल्चर) की मदद लेते हैं। संक्रमण का पता चलने पर तुरंत उसका इलाज शुरु किया जाता है, जिसमें अक्सर कई हफ्तों तक एंटीबायोटिक्स (ओरल मेडिसिन या इंट्रावेनस के जरिए) का कोर्स शुरु किया जाता है। कुछ गंभीर मामलों में जब संक्रमण बहुत ज्यादा बढ़ जाए या हड्डी में पस बन जाए तो ऐसे में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।