
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Symptoms of High Cholestrol In Arteries: ब्लड क्लॉट बनना या रक्त के थक्के (Blood Clot) बनना एक खतरनाक स्थिति है क्योंकि, खून के थक्के बनने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और सर्कुलेशन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। रक्त का संचार कमजोर होने के कारण हृदय को काम करने में दिक्कत आ सकती है और इससे हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है। दरअसल, हार्ट से जुड़ी आर्टरीज या धमनियों में ब्लड क्लॉटिंग हो जाने के कारण हार्ट के लिए खून को पम्प करना आसान नहीं होता और इसी वजह से शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। (Symptoms of Blood Clotting in arteries in Hindi.)
ब्लड क्लॉट्स बनने का सबसे बड़ा कारण है नसों और धमनियों में जमा होने वाला कोलेस्ट्रॉल। जब बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और यह कोलेस्ट्रॉल नसों की अंदरूनी परतों पर जमा हो जाता है तो नसों में बहने वाले खून की गति भी कम हो जाती है। आर्टरीज या हृदय में ब्लड क्लॉटिंग होने पर शरीर में इस तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं-
अगर आपको ये सभी लक्षण (symptoms of bloods clotting) दिखायी दें तो सावधान हो जाएं और जल्द-से-जल्द अपने डॉक्टर को इस बारे में सूचित करें। रक्त के थक्कों को कम करने के लिए शरीर में ब्लड सर्कुलेशनको बढ़ाना (improving blood circulation) और बेहतर बनाना सबसे महत्वपूर्ण है। रक्त को जमने से रोकने के लिए इस तरह के उपाय (ways to prevent blood clotting) किए जा सकते हैं-
खून को पतला बनाने और ब्लड क्लॉटिंग को रोकने के लिए ब्लड थिनर दवाओं (Blood Thinner Medications) की सलाह दी जाती है।
जिन लोगों को ब्लड क्लॉटिंग की गम्भीर समस्या होती है उन्हें यह थेरेपी दी जा सकती है।
स्ट्रोक से पीड़ित लोगों के लिए इस तकनीक की मदद ली जाती है और इसमें आर्टरीज में बने ब्लड क्लॉट को साफ किया जाता है।