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Fainting Problem: अचानक क्यों हो जाते हैं लोग बेहोश, जानिए लक्षण, कारण और उपचार

आपने गौर किया होगा कि कुछ लोग अचानक चलते-चलते बेहोश होकर गिर पड़ते हैं। कभी सोचा है कि आखिर लोग इस तरह से अचानक बेहोश क्यों हो जाते हैं? कई बार यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। जानें, बेहोश होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय...

Written By Anshumala
Updated : May 31, 2020 11:21 PM IST

मूर्छित या बेहोशी के लक्षण, कारण और इलाज। © Shutterstock.

Symptoms of Fainting: गर्मी इतनी भीषण पड़ रही है कि कोई भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन (Dehydration) का शिकार हो जाए। गर्मी के दिनों में देर तक धूप में बाहर काम करने से कई बार लोग मूर्छित या बेहोश (fainting) होकर गिर पड़ते हैं। ऐसा शरीर में पानी की कमी होने से होता है। जब आप बिना-खाए पिए कड़ी धूप में काम करते हैं, तो शरीर से बहुत पसीना निकलता है। बेहोश होने के कई अन्य कारण (Symptoms & Causes of fainting) भी हो सकते हैं।

शारीरिक रोग जैसे मिर्गी का दौरा (Epilepsy) पड़ने के दौरान भी लोग बेहोश होकर गिर पड़ते हैं। दम घुटने, हृदयाघात (heart attack) या फिर किसी तरह का सदमा लगने से भी लोग मूर्छित (Unconscious) होकर गिर पड़ते हैं। अचानक कहीं भी बेहोश होकर गिर जाने से शरीर पर चोट भी लग जाती है। हड्डियां फ्रैक्चर हो सकती हैं। यदि आप जानना चाहते हैं कि मूर्छित होने या बेहोशी के लक्षण (Symptoms of fainting) क्या होते हैं, तो आप खुद को इस स्थिति में आने से पहले बचा सकते हैं।

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मूर्छित या बेहोश होने के लक्षण (Symptoms of fainting)

बेहोश या मूर्छित होने के कई शारीरिक संकेत और लक्षण होते हैं। जब किसी व्यक्ति को मूर्छा आता है, तो उसके चेहरे का रंग पीला पड़ने लगता है। शरीर ठंडा हो जाता है और पसीना अधिक निकलता है। जब बेहोशी की अवस्था में आप जाते हैं, तो दिमाग ठीक तरह से काम नहीं कर पाता। होश में आने के बाद व्यक्ति को कुछ भी याद नहीं रहता है कि उसके साथ क्या हुआ। बेहोशी के दौरान आंखों के आगे अंधेरा छाने लगता है। सबकुछ धुंधला-सा दिखने लगता है। व्यक्ति की नाड़ी और हृदय की गति धीमी पड़ने लगती है। सांस काफी धीरे चलती है। बेहोश हो से पहले चक्कर काफी तेज आता है। उसके बाद व्यक्ति अचानक मूर्छित होकर जमीन पर गिर जाता है।

बेहोशी का इलाज क्या है (Treatment of fainting)

यदि आपके आसपास कोई भी व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाता है, तो उसकी मदद करें। उसे शांत और हवादार जगह पर उठाकर लिटा दें। उसकी सांस चल रही है या नहीं, इसे सबसे पहले देखें। सांस के मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट ना आने पाए। बेहोश हुए व्यक्ति के कमर, गर्दन, छाती से कपड़ों को हटा दें या ढीला कर दें। अगर पीड़ित व्यक्ति की सांस सही से नहीं चल रही है, तो उसे आर्टिफिशियल तरीके से सांस देने की कोशिश करें। गिरने से कहीं भी चोट लग गई है, तो उस पर मरहम-पट्टी करें।

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अक्सर लोग मिर्गी के कारण होने वाली बेहोशी में पीड़ित को जूता या मोजा सुंघाने लगते हैं। ऐसा आप बिल्कुल भी ना करें। यदि चेहरा लाल हो गया है, तो गर्दन को ऊपर की तरफ उठा कर रखें। चेहरे का रंग पीला नजर आ रहा है, तो उसके पैरों को ऊंचा उठाकर रखें। बेहोश होने वाले व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी से छींटे मारें। कुछ भी बेहोशी की अवस्था में पिलाने की कोशिश ना करें। मुंह पर भी पानी की बूंदें डालें ताकि होश में आ सके। जब व्यक्ति होश में आ जाए, तो उसे दूध या पानी पीने को दे सकते हैं। उसके बाद जब वह थोड़ा ठीक महसूस करने लगे, तो उसे लेटने के लिए कहें या फिर डॉक्टर के पास ले जाएं।

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