Advertisement

सर्दियों में बढ़ जाता है स्‍वाइन फ्लू का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

ये एक तरह का संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है। ये वायरस मुख्यत: सूअरों में पाया जाता है और इनसे ही इंसानों में फैलता है।

Written By Yogita Yadav
Published : January 17, 2019 4:37 PM IST

ये एक तरह का संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है। ये वायरस मुख्यत: सूअरों में पाया जाता है और इनसे ही इंसानों में फैलता है। ©Shutterstock.

नमी के मौसम में संक्रामक वायरस सक्रिय हो जाते हैं। जिस वजह से स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के स्‍वाइन फ्लू के चपेट में आने के बाद से लोगों में इस बीमारी के खतरे के प्रति एक बार फि‍र से डर फैल गया है। पर डरने की बजाए जरूरी है कि आप इस बीमारी के लक्षण पहचान कर पहले ही इससे बचाव के उपाय कर लें।

यह भी पढ़ें - अमित शाह स्वाइन फ्लू से पीड़ित, एम्स में भर्ती

Advertisement

स्‍वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू को H1N1 के नाम से भी जाना जाता है। ये एक तरह का संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है। ये वायरस मुख्यत: सूअरों में पाया जाता है और इनसे ही इंसानों में फैलता है। इंसानों में ये एक से दूसरे में काफी तेजी से फैलता है। इस बीमारी के वायरस को नमी की जरूरत होती है इसलिए ये ठंड और बरसात के दिनों में तेजी से फैलता है।

Advertisement

स्वाइन फ्लू और जुकाम में अंतर कैसे करना चाहिए, क्या आप जानते हैं ?

बच्‍चों और बीमारों को होता है ज्‍यादा खतरा

स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है वो भी तेजी से इस वायरस की चपेट में आ जाते हैं। इस बीमारी के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है। इसलिए ठंड और बरसात के मौसम में इससे बचने के लिए अतरिक्त सावधानी रखने की जरुरत होती है।

स्वाइन फ्लू वीडियो: स्वाइन फ्लू होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?

स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • स्वाइन फ्लू के रोगी को सर्दी जुकाम बना रहता है और नाक लगातार वहती रहती है।
  • शरीर की मांसपेशियों में दर्द और अकड़न बनी रहती है।
  • सिर में बहुत तेज दर्द होता है और लगातार खांसी आती रहती है।
  • बुखार आता है और इलाज के बाद भी ठीक नहीं होता है।
  • गले में खराश हो जाती है और बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।

जागरुकता ही बचाव है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दावा किया है कि हर साल दुनिया भर में 50 लाख लोग फ्लू जैसे संक्रामक रोगों से गंभीर रूप से बीमार होते हैं। वहीं करीब ढाई से पांच लाख मौत इसी तरह के रोगों से होती हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर WHO ने सलाह दी है कि फ्लू या इन्फ्लूएंजा के सीजन में भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने अनजाने किसी की छींक-खांसी के कणों से बीमार होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में वायरस हाथों से हवा में फैल सकता है। यही वजह है कि स्कूलों में, मॉल में भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग ज्यादा बीमार होते हैं।

About the Author

... Read More