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Written By: Jitendra Gupta | Published : March 9, 2023 3:24 PM IST
शरीर के इन 4 अंगों पर सूजन है किडनी रोग का शुरुआती संकेत! इस तरह पता लगाएं खराब होने लगी हैं दोनों किडनियां
kidney damage warning signs : किडनी हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है, जिसमें खराबी या फिर यूं कहें कि किडनी रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये समस्या भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बड़ी चुनौती बनी हुई है। भारत की नेफ्रोलॉजिस्ट संस्था 'इंडियन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी' (आईएसएन) के आंकड़ों के वहीं भारत में लगभग 10 में से हर 1 व्यक्ति किडनी रोग की समस्या का शिकार है, जो कि दर्शाता है कि लोग अपनी किडनी के स्वास्थ्य को लेकर अभी भी कितने लापरवाह हैं। कुछ और अध्ययन में ये सामने आया है कि भारत में हर साल तकरीबन 2 लाख लोगों किडनी से जुड़ी बीमारियों का शिकार होते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि शुरुआती स्टेज में इस बीमारी का पता ही नहीं लगता और किडनी फेल होने की वजह से मौत हो जाती है। इसीलिए किडनी की समस्या और लक्षणों व बचाव हेतु जानकारी बहुत आवश्यक है।
किडनी की परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि किडनी की बीमारी का जल्द से जल्द पता लगाया जाए, बीमारी का प्रभावी प्रबंधन और देखभाल भी जरूरी है। किडनी हमारे शरीर में खून को साफ करने में सबसे प्रमुख भूमिका निभाती है। यह हमारे शरीर का खून साफ कर पेशाब बनाती है। किडनी को सुरक्षित रखना बहुत अहम हो जाता है क्यों कि यह हमारे शरीर को सुरक्षित रखती है।
धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर एंड सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर एल के झा ने किडनी के खराब होने पर शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अगर आपके पेशाब के रंग में बदलाव हो रहा है या फिर पहले की अपेक्षा ज्यादा बार पेशाब हो रहा है या फिर हाथ, पैर, चेहरे या आंखों के आसपास सूजन हो तो लापरवाही ना बरतें । इस प्रकार के लक्षणों को अगर आप अनदेखा करते हैं तो भविष्य में यह किडनी की गंभीर समस्या की तरफ बढ़ सकते हैं और ऐसे में देरी होने पर किडनी ज्यादा भी खराब हो सकती है और अगर 60% से ज्यादा किडनी खराब हो जाए तो फिर यह गंभीर स्थिति है।
अगर आपके शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दें जैसेः
1-रात में ज्यादा पेशाब होना
2- पेशाब के रंग में बदलाव होना
3- शरीर में हीमोग्लोबिन का कम हो जाना
4- अचानक से वजन का बढ़ना
5- शरीर में पैर, पेट, चेहरा व टखनों का सूज जाना
6- आंखों का सूजना
7- झागदार पेशाब आना
8- शरीर में थकान व दुर्बलता का होना
9- प्यास ज्यादा लगना
10-, पेशाब करने में दर्द का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
अगर आप इस लक्षणों को अनदेखा न कर तुरंत डॉक्टर के पास जाते हैं तो कुछ सामान्य जांचों के बाद जल्द ट्रीटमेंट शुरू हो जाता है और यह बीमारी बढ़ने से पहले ही डॉक्टर इस पर नियंत्रण पा लेते हैं।
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसलटेंट एंड चीफ ऑफ नेफ्रोलॉजी, डॉक्टर राजेश अग्रवाल का कहना है कि किडनी को सुरक्षित रखने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलावकरने के साथ-साथ कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत हैः
1-आपको अपने खाने पीने की आदतों में भी बदलाव करना होगा आपको ऑयली फूड, जंक फूड, फास्ट फूड से दूरी बनाना होगा इसकी जगह आपको भोजन में हेल्दी फूड्स, प्रोटीन डाइट, होल ग्रेन और फाइबर बेस्ड फूड्स को जगह देना होगा।
2- इसके अलावा आपको शराब जैसे अल्कोहल युक्त पदार्थों का सेवन बंद करना होगा।
3-नियमित कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं
4- आप चाहें तो नींबू पानी, नारियल पानी, ताजे फलों के रस और सब्जियों का जूस पी सकते हैं।
5-अपने भोजन में नमक की मात्रा को सीमित स्तर तक ही रखें एक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए, क्योंकि सोडियम की अधिकता किडनी की समस्या पैदा करती है, साथ ही ये ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है।
6- रोजाना एक्सरसाइज करें
अगर आपको किडनी की बीमारियों से संबंधित किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई तों बगैर देर किए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें, तभी आप खुद को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।