Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
पैरों में दर्द एक आम समस्या है। शरीर में कमजोरी और थकावट की वजह से कई बार पैरों में दर्द होने लगता है। लेकिन, कई बार पैरों में सूजन भी हो जाती है। पैरों में सूजन की वजह से व्यक्ति को चलने-फिरने और घूमने में भी दिकक्त होती है। अक्सर कहा जाता है कि लंबे समय तक बैठने रहने या खड़े रहने से पैरों में सूजन हो जाती है। वहीं, लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहने से भी पैरों में सूजन आ जाती है, क्योंकि ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता है। लेकिन, आपको बता दें कि कुछ गंभीर बीमारियों के कारण भी पैरों में सूजन आ जाती है। खासकर, रात में पैरों में सूजन गंभीर बीमारियों की वजह से होता है। आइए, अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार से जानते हैं रात को पैरों में सूजन क्यों होती है?
अगर आपको रात के समय पैरों में सूजन नजर आ रही है तो यह हृदय रोगों का संकेत हो सकता है। दरअसल, जब दिल खून को ठीक तरह से पंप नहीं कर पाता है, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है। इसकी वजह से पैरों में सूजन दिखने लगती है। हृदय रोग होने पर पैरों और टखनों पर सूजन दिखाई दे सकती है। अगर आपको भी पैरों में सूजन दिखती है तो इस संकेत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
रात में पैरों में सूजन, किडनी रोगों का संकेत भी हो सकता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करते हैं तो शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और नमक बाहर नहीं निकल पाता है। यानी यह पानी शरीर में ही रहता है। इसकी वजह से पैरों में सूजन आ सकती है। अगर आपको अक्सर ही पैरों में सूजन आती है तो एक बार किडनी की जांच जरूर करवाएं।
लिवर रोगों की वजह से भी पैरों में सूजन आ सकती है। लिवर से जुड़ी बीमारियां होने की वजह से शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसकी वजह से पैरों में सूजन आ जाती है। अगर आपको भी पैरों में सूजनबनी रहती है, तो आपको लिवर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। अगर लंबे समय तक लिवर की बीमारियों का इलाज न किया जाए तो इस स्थिति में चेहरे और टखनों पर भी सूजन दिख सकती है।
अगर आपको चोट या मोच आ गई है तो उसकी वजह से भी पैरों में सूजन आ सकती है। जिस हिस्से पर चोट लगती है, वहां पर तरल पदार्थ जमा होने की वजह से सूजन पैदा हो सकती है। इसलिए चोट लगने पर आपको डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। इस स्थिति में डॉक्टर चोट की वजह से होने वाले दर्द और सूजन को कम करने के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी और पेनकिलर की दवा लिख सकते हैं।
आपको बता दें कि पैर की एक नस में खून का थक्का जमने के कारण भी सूजन हो सकती है। यह एक गंभीर स्थिति है। मेडिकल टर्म में इसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। इसकी वजह से पैरों में सूजन, दर्द और लालिमा भी हो सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति के लिए चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है।
अगर आपकी सीटिंग जॉब है या आप लंबे समय से एक ही स्थिति में बैठे हुए हैं, तो पैरों में सूजन दिख सकती है। दरअसल, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से पैरों में खून का संचार सही तरीके से नहीं हो पाता है। इस स्थिति में पैरों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसकी वजह से सूजन नजर आने लगती है।
कई बार डायबिटीज की दवाइयों के कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है। दरअसल, कुछ लोगों को हाई बीपी या डायबिटीज की दवाओं से नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में पैरों में सूजन दिख सकती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
पैरों की सूजन कम करने के लिए आपको एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स का सेवन करना चाहिए।
पैरों की सूजन कम करने के लिए आप बर्फ या गर्म पानी से सिंकाई कर सकते हैं। इससे दर्द और सूजन में आराम मिलता है।
पैरों में सूजन आने पर डॉक्टर ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह दे सकती है। इसके अलावा, एमआरआई भी करवाया जा सकता है।
पैरों में सूजन कई बीमारियों की वजह से आ सकता है। हृदय, लिवर और किडनी रोगों के कारण पैरों में सूजन आ सकती है।