पैंक्रियाज में सूजन का संकेत होती हैं ये समस्याएं, जानें ओवरऑल हेल्थ के लिए कितनी बुरी है यह कंडीशन

अग्नाशय या पैंक्रियाज की सूजन (swelling in pancreas) की अनदेखी करने के कई गम्भीर परिणाम हो सकते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 20, 2023 1:09 AM IST

Swelling In Pancreas Symptoms and treatments: पैंक्रियाज में सूजन कई समस्याओं और गम्भीर बीमारियों से जुड़ी समस्या हो सकती है। हालांकि, कई बार लोग इसे पेट का मोटापा समझकर इसके इलाज के लिए कोई खास इंतजाम नहीं करते हैं। लेकिन, अग्नाशय या पैंक्रियाज की सूजन (swelling in pancreas) की अनदेखी करने के कई गम्भीर परिणाम हो सकते हैं। (side effects of not treating swelling in pancreas)

पैंक्रियाज  में सूजन बड़ी ग्रंथि में होती है। बता दें कि पैंक्रियाज का मुख्य कार्य खाना पचाने में मदद करने वाले एंजाइम्स (food digesting enzymes) का निर्माण करना है और यह ब्लड शुगर लेवल (blood sugar level) को नियंत्रित करने वाले हार्मोन इंसुलिन (insulin) का निर्माण भी पैंक्रियाज द्वारा ही किया जाता है। इसीलिए, जब पैंक्रियाज से जुड़ी गड़बडि़यां होती हैं तो ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन कर पाना भी मुश्किल हो जाता है। पैंक्रियाज में सूजन की स्थिति को डॉक्टरों द्वारा पैंक्रियाटाइटिस कहा जाता है। यह आमतौर पर दो प्रकार की होती है- अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis) और क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस। इस लेख में पढ़ें इस अग्नाशय या पैंक्रियाज में सूजन के कारण, इसकी गम्भीरता और पैंक्रियाज में सूजन के लक्षणों के बारे में। साथ ही जानें पैंक्रियाज में होने वाली सूजन से बचाव के उपाय और राहत के तरीकों के बारे में। (Swelling In Pancreas Symptoms and treatments in Hindi)

पैंक्रियाज में सूजन कितनी गम्भीर समस्या (Swelling In Pancreas Symptoms and treatments)

एक्सपर्ट्स के अनुसार दोनों प्रकार की पैंक्रियाटाइटिस का समय पर इलाज कराना जरूरी है वर्ना यह गम्भीर हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती है। हालांक, अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis) की स्थिति में जल्द इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसके लक्षणों से जल्द आराम मिल सकता है। यह समस्या आमतौर पर कुछ दिनों या कुछ सप्ताह में ठीक हो सकती है। वहीं, क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस (Chronic Pancreatitis) में पैंक्रियाज को बहुत अधिक डैमेज होने की वजह से समस्या भी गम्भीर हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस किसी छुपी हुई या पुरानी बीमारी की वजह से भी हो सकती है।

पैंक्रियाज में सूजन के कारण क्या हो सकतें हैं? (Causes Of Pancreatitis In Hindi)

  • शराब पीने से पैंक्रियाज को डैमेज
  • पित्त की पथरी
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स
  • गॉल ब्लैडर (Gall Bladder)
  • वायरल इंफेक्शन  (Viral Infections)
  • हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल (High cholesterol levels)
  • पुरानी चोट
  • सर्जरी
  • पेट में घाव
  • जेनेटिक्स या परिवार में अन्य किसी को यह समस्या हो

क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के लक्षण और अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के लक्षण अलग होते हैं? (Symptoms of Pancreatitis)

एक्सपर्ट्स के अनुसार पैंक्रियाज में सूजन से जुड़ी दोनों ही स्थितियों जैसे क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस और अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस में कुछ विशेष लक्षणों (symptoms of swelling in pancreas) को छोड़कर अलग-अलग तरह की समस्याएं दिखायी दे सकती हैं।

अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के लक्षण? (Signs and symptoms of acute pancreatitis):

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (pain in upper abdomen)
  • मतली और उल्टी (nausea and vomiting)
  • सांस लेने में तकलीफ या सांस तेज चलना (problems related to breathing)
  • सुस्ती (lethargy)
  • बुखार (fever)
  • शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • पीठ में दर्द(back pain) और कमर में दर्द

पीठ और कमर में बार-बार होने वाला दर्द अक्यूट पैंक्रियाटाइटिस से जुड़ी एक समस्या हो सकती है। इसीलिए, जब पीठ में दर्द हो और आपको फैटी लिवर से जुड़ी अन्य समसयाएं हों तो डॉक्टर से सम्पर्क करें।

क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के लक्षण क्या हो सकते हैं? (Signs and symptoms of chronic pancreatitis):

  • पेट में दर्द
  • बार-बार होनेवाली अपच की समस्या (indigestion) और पेट में भारीपन की समस्या
  • तेजी से वजन कम होना (sudden weight loss)
  • मल से बदबू आना (smelly stool)
  • टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) की बीमारी

पैंक्रियाटाइटिस से बचाव के उपाय क्या हैं? (How to prevent swelling in pancreas or pancreatitis prevention):

एक्सपर्ट्स के अनुसार, पैंक्रियाज को सुरक्षित रखने, डैमेज से बचाने और पैंक्रियाटाइटिस जैसी गम्भीर बीमारियों से बचाने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। कुछ सावधानियां बरतने से पैंक्रियाज में सूजन और उससे जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है जैसे-

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

फैटी लिवर डिजिज (fatty liver) के मरीजों को अपनी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करने चाहिए। डाइट और एक्सरसाइज से लेकर लोगों को खुद को मेंटली हेल्दी बनने और अनहेल्दी फूड्स की क्रेविंग्स कंट्रोल (controlling cravings for unhealthy foods) करने में भी सक्षम बनाना चाहिए।

इस तरह की डाइट करें फॉलो (diet tips to prevent swelling in pancreas)

हेल्दी और संतुलित डाइट खाएं। हेल्दी डाइट खाने से पैंक्रियाज पर कम दबाव पड़ता है। इससे पैंक्रियाज को डैमेज या सूजन की समस्या कम होगी। हेल्दी पैंक्रियाज के लिए अपनी डाइट इस तरह प्लान करें-

  • अपनी डाइट में फाइबर वाले फूड्स जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज शामिल करें।
  • रोजमर्रा के भोजन में गेंहू के महीन आटे की बजाय चोकर वाला आटा या मोटे अनाज या मिलेट्स के आटे की रोटियां शामिल करें। इसके लिए बाजरा (Bajra), ज्वार, कंगनी  (Foxtail millet) और नाचनी या रागी के आटे (nachani or ragi) की रोटियां खा सकते हैं।
  • गॉर्ड (Gourd family vegetables) या लौकी परिवार की सब्जियां जैसे ककड़ी, तुरई और पेठा कद्दू आदि का सेवन अधिक करें।
  • इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियों (Green leafy vegetables) का सेवन अधिक करें।
  • फैटी फूड्स और हाई-फैट या फुल-फैट डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन ना करें। ये फूड्स पैंक्रियाज को नुकान पहुंचाते हैं।
  • रेट मीट (Red meat) का सेवन ना करें।

एक्सरसाइज करें (exercise tips for treating swelling in pancreas)

पैंक्रियाज पर फोकस करते हुए नियमित एक्सरसाइज करें। इसके साथ ही ऐसे योगासनों का नियमित अभ्यास करें जो पैंक्रियाज (yoga poses for pancreas) को हेल्दी बनाते हैं। अनुलोम विलोम (anulom-vilom) और कपालभाति (kapalbhati) के अलावा भ्रामरी जैसे आसनों का अभ्यास किया जा सकता है।

अल्कोहल और सिगरेट का सेवन ना करें

इन सबके साथ-साथ शराब पीने की आदत भी पैंक्रियाज के लिए नुकसानदायक (side effects of alcohol consumption) साबित हो सकती है। इसीलिए, अल्कोहल पीने की आदत से परहेज करें और सिगरेट पीने की आदत (smoking) भी छोड़ दें। ये दोनों ही हेल्दी बदलाव पैंक्रियाज को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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