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Written By: Anshumala | Updated : January 22, 2020 1:53 PM IST
Swelling in Feet : पैरों में बार-बार सूजन होना, कहीं यह खतरनाक बीमारी तो नहीं आपको? © Shutterstock.
ज्यादातर महिलाओं को पैरों व टखनों में सूजन की शिकायत रहती है। कई बार सूजन टाइट व हाई हील सैंडल पहनने या फिर लगातार खड़े होकर काम करने से भी होती है, जो आराम करने से खुद ब खुद ठीक हो जाता है। जब पैरों व टखनों में सूजन लगातार रहने लगे, तो यह आपके हृदय के लिए समस्या उत्पन्न कर सकती है। दरअसल, शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने कि वजह से पैरों व टखनों में सूजन होती है, जिसे पेरिफेरल एडिमा कहते हैं। खासकर, महिलाओं में हृदय से संबंधित कोई समस्या होने पर सूजन (swelling in feet) हमेशा पैरों में आती है।
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यदि किसी महिला को शाम के समय सूजन (swelling in feet) आए और थोड़ी देर आराम करने पर ठीक हो जाए, तो यह हृदय से संबंधित समस्याओं की तरफ इशारा करता है। इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. अपर्णा जसवाल कहती हैं कि शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने से हृदय से खून का प्रवाह कम हो जाता है और बैक-अप के लिए नसों के जरिए खून वापस हृदय में पहुंचता है, जिसकी वजह से पेट और शरीर के निचले हिस्से में तरल जमा होता है, जिससे रक्त का जमाव होता है। संभवत: आपके पैरों और टखनों में सूजन दिन में ज्यादा दिखाई दे, क्योंकि गुरुत्त्वाकर्षण से शरीर के निचले हिस्सों में खून की मात्रा और दबाव में वृद्धि होती है।
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1 महिलाओं में प्रेग्नेंसी, प्रोटीन और हिमोग्लोबीन की कमी, खड़े रहने वाले काम करने और वेरिकोज वेंस होने पर भी सूजन की परेशानी होती है। सुबह की बजाय शाम के वक्त सूजन होना, चलने पर सांस फूलना और सोने के बाद सूजन कम होना, ये कुछ ऐसी स्थितियां हैं, जो हृदय रोग की तरफ इशारा करती हैं। ऐसे में बिना देर किए डॉक्टर से हृदय की जांच कराएं।
2 इससे बचने के लिए खूब चलें, दिन में पैरों को ऊपर करके लेटें, एक ही अवस्था में देर तक खड़े होकर काम न करें। बीच-बीच में ईसीजी, हिमोग्लोबीन, रक्त दबाव की भी जांच करवाती रहें।
3 हृदय से जुड़ी अन्य समस्याएं, जो हार्ट फेल होने का कारण बन सकती हैं वे हैं कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक, हार्ट वॉल्व लीक करना या संकरे हो जाना, उच्च रक्तचाप, असामान्य हार्ट वॉल्व, हृदय का बड़ा होना (कार्डियोमायोपैथी) आदि। यदि आपको लगातार पैरों में सूजन रहता है, तो डॉक्टर से बिना देर किए जरूर मिलें।