युगांडा से जयपुर आई 19 साल की युवती में इबोला संक्रमण जैसे लक्षण, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट आई नेगेटिव

जयपुर में युगांडा से आई 19 वर्षीय युवती में इबोला जैसे लक्षण मिलने के बाद उसे आइसोलेशन में भर्ती किया गया है और जांच के लिए सैंपल पुणे भेजे गए हैं। फिलहाल संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी और संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : June 7, 2026 12:46 PM IST

हाल ही में राजस्थान में इबोला का संदिग्ध के मिलने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया था और पब्लिक भी डर गई थी। दरअसल, राजस्थान की राजधानी जयपुर में युगांडा से घूमने आई महिला में इबोला जैसे लक्षण देखने को मिले, तो हेल्थ डिपार्टमेंट तुरंत एक्शन में आ गए। युगांडा की रहने वाली महिला दरअसल, सीधी युगांडा से नहीं आई थी बल्कि शारजाह (यूएई) से आई थी, जिसमें इबोला के लक्षण पाए गए थे। एयरपोर्ट पर रूटीन टेस्ट के दौरान जब महिला में इबोला संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए तो उसे राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस भेज दिया था और क्वारंटाइन कर दिया गया था। सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे की स्पेशल लैब में भेज दिया गया। हालांकि, यह कोई कन्फर्म केस नहीं था बल्कि एक संदिग्ध मामला था, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होनी थी। जांच के सैंपल आने के बाद यह कन्फर्म हो गया कि महिला को इबोला संक्रमण नहीं है बल्कि जो लक्षण हो रहे थे वे सामान्य सर्दी-खांसी आदि के हैं।

राजस्थान का पहला संदिग्ध मामला

रिपोर्ट्स में पाया गया कि जयपुर में मिलने वाला यह राजस्थान का पहला संदिग्ध मामला था, जिसकी पुष्टि होने के बाद पता चला कि यह इबोला का केस नहीं है और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। इसके साथ-साथ हेल्थ डिपार्टमेंट ने महिला के साथ ट्रैवल करने वाले लोगों के लिए भी एडवाइजरी जारी कर दी थी, ताकि समय से ही स्थिति को ट्रेस किया जा सके।

(और पढ़ें - कितना खतरनाक है इबोला वायरस)

भारत में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जांच

इबोला का संक्रमण बढ़ते देख जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दिया था, तभी से ही भारत ने भी प्रमुख इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर हाई रिस्क कंट्री से आने वाले देशों की एयरपोर्ट पर ही स्क्रीनिंग और जरूरी जांच करने का आदेश दे दिए थे, ताकि अगर स्थिति खराब होती है, तो उसे जल्द से जल्द कंट्रोल किया जा सके।

भारत को इबोला से कितना खतरा

हालांकि, भारत में अभी तक इबोला के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है और साथ ही साथ सरकार ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है, जिससे कहा जा सकता है कि भारत में इबोला संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा नहीं है। साथ ही देश में स्पेशल लैब भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे स्थिति अगर खराब होती दिखती है, तो समय पर जांच व जरूरी एक्शन लिए जा सकते हैं।

हालांकि, भारत के स्वास्थ्य विभागों और हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को सावधान रहने और जरूरी नियमों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। ताकि संक्रमण फैलने के खतरे को और भी कम किया जा सके।

आपके लिए जरूरी सूचना

इबोला एक बेहद खतरनाक वायरल इन्फेक्शन है और अगर इसकी तुलना कोविड 19 से की जाए तो यह उससे कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकता है। लेकिन यह कोविड 19 की तरह एयरबोर्न नहीं है, यानी हवा में नहीं फैलता सिर्फ मरीज के शरीर के निकलने वाले किसी भी द्रव जैसे पसीना, आंख का पानी, लार और मल-मूत्र के संपर्क में आने से यह फैल सकता है। अगर आपको निम्न लक्षण दिखते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए -

  • सर्दी-खांसी और जुकाम के लक्षण
  • बार-बार तेज बुखार आना
  • बदन दर्द या मांसपेशियों में दर्द रहना
  • आंखों में लालिमा बढ़ना या त्वचा पर चकत्ते होने लगना

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल इबोला से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source