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Written By: Anshumala | Updated : July 22, 2020 12:34 AM IST
क्या सुशांत सिंह राजपूत थे बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार?
sushant singh rajput suicide case: जब से बॉलीवुड के एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (sushant singh rajput) ने सुसाइड किया है, इसे लेकर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं। मुंबई पुलिस भी सुशांत सिंह के आत्महत्या मामले की सच्चाई की तह तक जाने में पुरजोर कोशिश कर रही है। सुशांत के आत्महत्या करने के बाद कई बातें सामने आईं हैं। यह भी कहा गया था कि वे डिप्रेशन (sushant singh rajput depression) के शिकार थे और छह महीने से इलाज करवा रहे थे। लेकिन, सुसाइड से कुछ दिनों पहले उन्होंने दवाओं का सेवन करना छोड़ दिया था। इस बाबत सोमवार को मुंबई पुलिस ने सुशांत के साइकियाट्रिस्ट का भी बयान दर्ज किया। साइकियाट्रिस्ट के अनुसार, सुशांत उनके पास वर्ष 2018 में आए थे। काउंसलिंग से संतुष्ट ना होने की बात भी कही थी। इसे लेकर बहस भी हुई थी और फिर उन्होंने इलाज करवाना बंद कर दिया था।
बता दें कि 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत ने अपने मुंबई स्थित घर में 14 जून को सुसाइड (sushant singh rajput suicide case) कर लिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यही साबित हो चुका है कि सुशांत ने आत्महत्या किया था। हालांकि, कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है, लेकिन कयास यही लगाए जा रहे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत ने रिश्तों में उतार-चढ़ाव, तनाव और डिप्रेशन से ग्रस्त होने के कारण अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
पुलिस ने उन साइकियाट्रिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट का भी बयान लिया है, जिनके पास सुशांत वर्ष 2019 में काउंसलिंग और इलाज के लिए जाते थे। इस दौरान एक साइकियाट्रिस्ट के बयान में यह बात सामने आई कि सुशांत सिंह राजपूत बाइपोलर डिसऑर्डर बीमारी से ग्रस्त (sushant singh rajput and Bipolar disorder) थे। साथ ही तनाव और डिप्रेशन से भी पीड़ित थे। आखिर किन शारीरिक और मानसिक समस्याओं से सुशांत जूझ रहे थे, क्यों उन्होंने आत्महत्या (Sushant Singh Rajput death case) जैसा कदम उठाया, ये सभी फिलहाल अनसुलझे रहस्य की तरह ही हैं।
बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar disorder in hindi) एक मानसिक बीमारी है। इस बीमारी में मरीज के मस्तिष्क का नियंत्रण बिगड़ जाता है। इस कारण व्यक्ति के व्यवहार में काफी बदलाव नजर आता है। इसे कई बार अवसाद, मानसिक या फिर मस्तिष्क विकार भी कहते हैं। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति कुछ समय के लिए अवसाद (Depression) तो कुछ समय के लिए उन्माद, सनक या आवेश में रहता है। व्यक्ति की मनोदशा, ऊर्जा, गतिविधियों का स्तर हर दिन बदलता रहता है।
बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति असामान्य रूप से तीव्र भावना, सोने के तरीके में बदलाव, सक्रियता का स्तर एवं असामान्य व्यवहार अनुभव करता है। मनोदशा में बार-बार बदलाव होना। व्यक्ति के शारीरिक ऊर्जा में कमी, नींद में कमी या अधिक नींद आना, दुखी रहना, खालीपन, नाउम्मीद, चिंतित रहना, एकाग्रता में परेशानी, चीजों को भूलना, बहुत ज्यादा या बहुत कम खाना, थकान, सुस्ती, आत्महत्या का ख्याल मन में आना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। उन्माद की स्थिति में इंसान अत्यअधिक खुश, जोर से बोलना, एक विचार से दूसरे विचार पर पहुंच जाना, दूसरे को चिढ़ाना, आसपास के वातावरण पर बहुत कम ध्यान देना आदि स्थितियों में रहता है।
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