कैसे समय रहते देखभाल करना ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से बचा सकता है? एक्सपर्ट्स से जानें किन बातों का रखें ध्यान

Breast Cancer Prevention: ब्रेस्ट कैंसर से बचाव करने के लिए समय-समय पर नियमित रूप से जांच कराना बहुत जरूरी है। इस लेख में हेल्थ एक्सपर्ट्स इससे जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 6, 2026 6:22 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Karthik K Prasad

Breast Cancer se Bachne ke Upay: आज भी बहुत ही कम महिलाओं को इस बात की जानकारी है कि ज्यादातर ब्रेस्ट कैंसर के मामले एकदम विकसित नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे विकसित होता है। जिसमें विकसित होने में सालों का समय लग जाता है और जब तक इसका पता चलता है बहुत देर हो जाती है। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स समय-समय पर जांच कराते रहने की सलाह देते हैं। बेंगलुरु के यशवंतपुर में स्थित स्पर्श हॉस्पिटल लीड कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. कार्तिक के. प्रसाद ने ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते खतरे और उससे बचाव के तरीकों के बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसलिए यह महिलाओं के स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा आर्टिकल है, जिसे महिलाओं को जरूर पढ़ना चाहिए।

"राजश्री देशपांडे द्वारा हाल ही में ब्रेस्ट कैंसर से अपनी लड़ाई के बारे में किया गया खुलासा यह याद दिलाता है कि गंभीर बीमारियां किसी को भी हो सकती हैं, चाहे उसकी उम्र या जीवनशैली कैसी भी हो। ब्रेस्ट कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। इसी वजह से नियमित हेल्थ चेक-अप और समय-समय पर कराई जाने वाली जांचें, जैसे मैमोग्राफी, बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। Dr. Karthik K Prasad, Lead - Consultant, Surgical Oncologist, SPARSH Hospital, Yeshwanthpur, Bangalore

समय पर जांच कराने के फायदे

डॉ. कार्तिक के. प्रसाद ने आगे बताया कि अगर बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में चल जाए तो इलाज ज्यादा प्रभावी होता है और मरीज के ठीक होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। वहीं ब्रेस्ट कैंसर का जितना देरी से पता चलता है या फिर अगर शुरुआत में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण इग्नोर कर दिए जाते हैं, तो इलाज करना उतना ही मुश्किल हो जाता है और इसके कारण कई जटिलताएं विकसित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसलिए जरूरी है कि नियमित रूप से ब्रेस्ट की जांच की जाए, जिसे आप खुद भी कर सकते हैं और हर साल स्क्रीनिंग कराई जाए। इस दौरान  अगर ब्रेस्ट के अंदर या आसपास किसी भी तरह का कोई बदलाव दिखता है, तो उसे इग्नोर नहीं करना चाहिए बल्कि जल्दसे जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए। इन छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना जानलेवा बीमारी को होने से बचा सकता है।

(और पढ़ें - कम उम्र की महिलाओं में भी क्यों बढ़ रहा है ब्रेस्ट कैंसर?)

किन लक्षणों पर रखें नजर

ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े कुछ शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, जिनकी अगर समय रहते पहचान कर ली जाए तो इससे कैंसर को गंभीर होने और यहां तक कि कई बार तो कैंसर विकसित होने से पहले ही इसका पता लगाया जा सकता है -

  • एक ब्रेस्ट में दर्द होना
  • ब्रेस्ट के किसी हिस्से को छूने पर ज्यादा दर्द होना
  • सूजन या लालिमा दिखाई देना
  • ब्रेस्ट की स्किन में बदलाव (जैसे पपड़ीदार या रूखी त्वचा)
  • निप्पल की आकृति बदलना
  • ब्रेस्ट के आकार या आकृति में बदलाव
  • निप्पल या ब्रेस्ट के किसी हिस्से में लगातार हल्का दर्द रहना

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।