
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
रोबोटिक सर्जरी अब लोगों की पहली पसंद बन रही है।
एक समय था जब डॉक्टर के मुंह से "ऑपरेशन" शब्द सुनते ही मरीज और उनके परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। लोगों के मन में सबसे पहला ख्याल आता था- बड़ा चीरा लगेगा, कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ेगा और फिर महीनों तक बिस्तर पर आराम करना होगा। यही वजह थी कि कई लोग जरूरत होने के बावजूद सर्जरी कराने से घबराते थे। लेकिन समय के साथ मेडिकल ट्रीटमेंट काफी बदल चुका है। अब इलाज का मकसद सिर्फ बीमारी को दूर करना नहीं, बल्कि मरीज को कम दर्द के साथ जल्द से जल्द सामान्य जिंदगी में वापस लाना भी है। इस पूरी प्रक्रिया को रोबोटिक सर्जरी कहा जाता है।
डॉ. महेंद्र भंडारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), वट्टिकुटी फाउंडेशन का कहना हैं, कुछ दशक पहले तक ज्यादातर सर्जरी में बड़े चीरे लगाए जाते थे। शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचता था, दर्द भी अधिक होता था और मरीज को ठीक होने में कई सप्ताह लग जाते थे। अब डॉक्टर ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें छोटे-छोटे चीरे लगाकर बड़े और मुश्किल ऑपरेशन भी किए जा सकते हैं। इन्हें मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (Minimally Invasive Surgery) कहा जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि शरीर को कम नुकसान पहुंचता है और मरीज का शरीर भी तेजी से रिकवरी भी तेजी से होती है।
डॉक्टर बताते हैं कि ऑपरेशन और बड़ी सर्जरी में अब रोबोटिक्स ने अपनी खास जगह बनाई है। रोबोटिक्स का नाम सुनकर कई लोगों को लगता है कि ऑपरेशन कोई रोबोट खुद करता है, लेकिन ऐसा नहीं है। रोबोटिक सिस्टम सिर्फ एक डिवाइस है। एक सर्जरी की तरह ही रोबोटिक सर्जन द्वारा ही की जाती है। इसमें एक विशेष कंसोल पर बैठकर हाई-डेफिनिशन 3D स्क्रीन के जरिए शरीर के अंदर का हिस्सा कई गुना बड़ा और स्पष्ट देख सकते हैं। रोबोटिक्स सर्जरी के जरिए इलाज मरीज का मुश्किल से मुश्किल इलाज मुश्किल हो जाता है।
इस सर्जरी में कट छोटा लगता है।
रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें शरीर पर बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। छोटे चीरे के कारण मरीज को विभिन्न प्रकार के फायदे मिलते हैंः
यही वजह है कि जिन मरीजों को पहले कई हफ्तों तक आराम करना पड़ता था, उनमें से कुछ अब डॉक्टर की सलाह के अनुसार कम समय में अपनी नॉर्मल लाइफ को शुरू कर सकते हैं। हालांकि किसी भी ऑपरेशन के बाद रिकवरी का समय हर मरीज और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है।
आज रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों का इस्तेमास कई बीमारियों में किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
हालांकि हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी जरूरी है या हर मरीज के लिए यह फायदेमंद होगी कि यह जरूरी नहीं है। किसी मरीज के लिए कौन सी रोबोटिक सर्जरी सही रहेगी, इसका फैसला डॉक्टर मरीज की बीमारी, उम्र और हेल्थ कंडीशन को ध्यान में रखकर करते हैं।
आज का मरीज पहले से कहीं ज्यादा जागरूक है। वह ऐसा इलाज चाहता है जिसमें कम दर्द हो, कम समय अस्पताल में बिताना पड़े और वह जल्द से जल्द अपने परिवार और काम पर लौट सके। मेडिकल साइंस भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। आधुनिक सर्जरी का फोकस अब केवल ऑपरेशन करना नहीं, बल्कि मरीज की पूरी रिकवरी को आसान और सुरक्षित बनाना है।
डॉ. महेंद्र भंडारी कहते हैं - इसका जवाब है जरूरी नहीं। हर मरीज की बीमारी अलग होती है। कई मामलों में पारंपरिक सर्जरी ही बेहतर विकल्प हो सकती है, जबकि कुछ मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी ज्यादा फायदेमंद होती है। इसलिए इंटरनेट या सोशल मीडिया पर देखकर कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। अब सर्जरी का मतलब सिर्फ ऑपरेशन नहीं, बल्कि कम दर्द, बेहतर अनुभव और जल्द सामान्य जीवन में वापसी की जा सकती है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आप किसी सर्जरी करवा रहे हैं तो आपके लिए रोबोटिक सर्जरी सही है या नहीं इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।