गर्मी से बचने के लिए अपनाएं एक्सपर्ट के सुझाए ये उपाय

गर्मी में जल जनित बीमारियों जैसे जॉन्डिस, डायरिया, टाइफॉयड का शिकार होने से बचें। गर्मी में इसके मामले काफी बढ़ जाते हैं। खाने की उन चीजों का सेवन कम कीजिए जो ताजे और घर के बने न हों।

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Written By: Anshumala | Updated : June 11, 2019 1:14 PM IST

बढ़ते तापमान ने इस बार भी गर्मी के मौसम में लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। धूलभरी गर्म हवा भी चल रही है। बढ़ते तापमान में प्रदूषण के तत्व अस्वास्थ्यकर माहौल बनाते हैं। गर्मी में बारिश से उमस बढ़ जाती है तथा इससे स्थिति और खराब हो जाती है। डिहाइड्रेशन, लू लगने का जोखिम, एलर्जी, संक्रमण और अन्य बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। बच्चे, बुजुर्ग के साथ-साथ वयस्कों के भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का शिकार होने का जोखिम रहता है। इसलिए, गर्मी में अपने स्वास्थ्य को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। गर्मी में कैसे रखें खुद को हेल्दी बता रहे हैं  इंटरनल मेडिसिन, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल्स, नई दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एमएस चौधरी...

ठंड में रहने के उपाय करें

पूरे दिन हाइड्रेटेड रहें। इसका कोई विकल्प नहीं है। गर्म तापमान शरीर का पानी सोख लेता है और हमारी ऊर्जा बहुत जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए तरल पदार्थों का सेवन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा पर्याप्त बनाए रखना गर्मी का सामना करने के लिए आवश्यक है। प्राकृतिक तरल जैसे नारियल का पानी, फलों के रस, स्मूदी, मट्ठा आदि इस गर्मी में खुद को ठंडा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं। हालांकि, सुनिश्चित करें कि मीठे, कार्बोनेटेड पेय से दूर रहें, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं।

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हेल्दी खाएं

गर्मी में ज्यादातर लोग कम खाने लगते हैं। हालांकि, तापमान बढ़ने-घटने से होने वाले मेटाबॉलिक परिवर्तन से निपटने के लिए शरीर को ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में खाने के लिए ठंडी चीजों को प्राथमिकता देना चाहिए। मौसमी फलों और सब्जियों का संतुलित भोजन ढेर सारे तरल पदार्थों के साथ गर्मियों में आदर्श होता है। मौसमी फल जैसे आम, तरबूज, खरबूजा, लीची, बेर, चेरी आदि का नियमित सेवन करना चाहिए। इन फलों में जो पोषण उपलब्ध है, वह शरीर के तापमान को सामान्य रखने और शरीर के मेटाबॉलिज्म का समर्थन करने में बहुत मददगार है।

त्वचा में रहे नमी बरकरार

विटामिन डी की खुराक के लिए धूप के संपर्क में रहना महत्वपूर्ण है पर गर्मी में तापमान इतना ज्यादा हो सकती है कि धूप में जाना त्वचा के लिए खतरनाक हो सकता है। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है खासकर बुजुर्ग और बच्चे लू लगने और डिहाइड्रेशन के लिहाज से और खतरे में होते हैं। ज्यादा गर्मी हो तो घर में रहना चाहिए और बाहर निकलें तो आरामदेह सूती कपड़े पहनें। गर्मी में हों तो सिर को ढंक कर रखें और आंखों को भी सीधी धूप से बचाएं। इससे आंखें गर्म हवा, प्रदूषण, धूल और गर्म तापमान से बच जाएंगी। दिन में बाहर निकलते समय खुली त्वचा पर हमेशा सनस्क्रीन लगाएं ताकि सूर्य की पराबैंगनी किरणों से होने वाला नुकसान न्यूनतम रहे।

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गर्मी में होने वाले संक्रमण से बचें

गर्मी में जल जनित बीमारियों जैसे जॉन्डिस, डायरिया, टाइफॉयड का शिकार होने से बचें। गर्मी में इसके मामले काफी बढ़ जाते हैं। खाने की उन चीजों का सेवन कम करें, जो ताजे और घर के बने न हों। घर से बाहर निकलते समय धूप में जलने से बचने के लिए जहां तक संभव हो, त्वचा को ढंककर रखिए।

खेलें-कूदें पर सावधानी से 

गर्मी में क्रिकेट, फुटबॉल और बैडमिंटन आदि जैसे आउटडोर खेल में हिस्सा लेना अमूमन सीमित हो जाता है। सनबर्न या सनस्ट्रोक से बचने के लिए व्यक्ति को ऐसी गतिविधियां सीमित करनी चाहिए और इसे सुबह में जल्दी या शाम में देर से रखा जा सकता है, जब धूप बहुत तेज न हो। सुनिश्चित करें कि खुद को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें और इसके लिए ढेर सारा पानी पिएं। धूप में कम से कम निकलें।

वयस्कों को गर्मी की परेशानी से कोई राहत नहीं है पर बच्चों को गर्मी छुट्टी में ब्रेक लेने का मौका मिलता है।

इसकी वजह यह है कि गर्मी के उच्च तापमान के लिहाज से बच्चे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। घर के अंदर भी तापमान ज्यादा रहे तो बच्चों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। बच्चों को हाइड्रेटेड और ठंडा रखने के लिए उनकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए। उनके आहार की जांच की जानी चाहिए और सुनिश्चित किया जाना चाहिए के वे पर्याप्त तरल पदार्थ लें। बच्चों के लिए गर्मियों में देखभाल करने वाला किट होने से वे जीवन रक्षक हो सकते हैं। इससे उनमें आत्म निर्भरता भी बढ़ती है। किट की आवश्यक चीजों में ग्लूकोज या ओआरएस की पुड़िया, पानी की बोतल, टोपी, धूप के चश्मे और गर्मी में क्या करें, क्या न करें जैसे निर्देश साफ-साफ लिखे होने चाहिए।

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