सिरदर्द से लेकर पैरालिसिस के उपचार में कारगर है सुजोक थेरेपी, जानिए किन-किन रोगों में है फायदेमंद

सुजोक थेरेपी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो चिकित्सा को और भी सरल बनाती है और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। विशेषज्ञों के मुताबिक सुजोक एक मात्र ऐसी थेरेपी है, जो हर तरह की बीमारी का इलाज कर सकती है।

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Written By: Atul Modi | Updated : August 28, 2023 6:57 PM IST

जब कोई दर्द, बीमारी या तकलीफ हद से ज्यादा बढ़ जाए तो परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में बीमारी से पूरी तरह से मुक्ति पाना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर तकलीफ को दूर करने के लिए हम ऐसे उपचार की मदद लें, जिससे बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाए तो इससे बेहतर और क्‍या हो सकता है। यदि आप किसी रोग का उपचार करके थक चुके हैं तो आपको सुजोक थेरेपी आजमाने की आवश्यकता है। सुजोक थेरेपी एक ऐसी चिकित्सा विधि है जो हानिकारक नहीं है। इस पद्धति से कई जीर्ण रोगों का उपचार संभव है। सुजोक थेरेपी में मैग्नेट और अन्य छोटे-छोटे अनाज के दानों का उपयोग कर संबंधित प्‍वाइंट्स पर प्रेशर डाला जाता है।

सुजोक थेरेपी क्या होती है? (Sujok Therapy In Hindi)

सुजोक थेरेपी, उपचार का एक तरीका है। जिसमें कई तरह की तकनीक शामिल हैं जो बीमारी को रोकती हैं और बिना दवाओं के स्वास्थ्य बेहतर बनाती हैं। इस थेरेपी से कई बीमारियों का इलाज संभव है। देखा जाए तो आज काफी लोग इस पद्धति को वैकल्पिक चिकित्सा के तौर पर अपना रहे हैं। इसमें एक्यूप्रेशर, कलर थेरेपी और एक्यूपंचर जैसी थेरेपी शामिल हैं।

सुजोक थेरेपी शरीर के पांच अंगों से मिलकर बनी है। जिसमें दोनों हाथ, पैर और सिर शामिल हैं। क्योंकि इन अंगों का जुड़ाव शरीर के प्रत्‍येक हिस्से से होता है। उन्हीं की मदद से बीमारी का इलाज किया जाता है। इस थेरेपी से किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता। शोध के मुताबिक सुजोक थेरेपी सौ फीसदी सुरक्षित और आसान है। इसकी मदद से शरीर के सभी अंगों के केंद्र बिंदु को उत्तेजित किया जाता है। इसमें उपचार के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत नहीं होती है। ये पूरी तरह से नैचुरल है। इसलिए यह अब तक की सबसे सुरक्षित उपचारों में से एक है।

सुजोक थेरेपी किन रोगों में है ज्यादा फायदेमंद (Benefits of Sujok Therapy)

सुजोक थेरेपी कुछ शारीरिक समस्याओं जैसे बीपी, सिरदर्द, पैरालिसिस, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, गैस्ट्रिक एसिडिटी, अल्सर, कब्ज, माइग्रेन, सिर का चक्कर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, गैस्ट्रो इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज, डिस्क प्रोलैप्स, कीमोथेरेपी, रजोनिवृत्ति, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण जटिलताओं को ठीक करने में मदद करता है।

सुजोक थेरेपी के जरिये आप अपना मानसिक स्वास्थ्य ठीक रख सकते हैं। इसमें आपको फोबिया, तनाव, डिप्रेशन, चिंता, अवसाद, क्रोध और भय को ठीक करने में सहायता मिलती है। सुजोक रोगियों को प्राकृतिक उपचार प्रदान करता है, वरना तो ऐसी बीमारियों को ठीक करने के लिए लोग गोलियों पर निर्भर रहते हैं। यह थेरेपी छोटी-छोटी मैग्नेट या सीड के जरिए की जाती है।

सुजोक थेरेपी में उपचार कैसे किया जाता है?

सुजोक थेरेपी में दो तरह से इलाज किया जाता है। जिसमें मेटा फिजिकल और फिजिकल शामिल हैं। मेटाफिजिकल में वो अंग होते हैं जिन्हें हम देख नहीं सकते। जैसे- एनर्जी लेवल,आदि। वहीं बात अगर फिजिकल की करें तो इसमें वो अंग होते हैं जिन्हें हम देख सकते हैं। हमें इन्हें फिजिकली तौर से स्टिम्युलेट करना होता है। जिन्हें संतुलित रखने के लिए उपचार की जरूरत होती है। इन दोनों थेरेपी के अंतर्गत कई तरह की तकनीक की मदद ली जाती है।

सीड थेरेपी

जैसे एक बीज में एक जीवन होता है। उसी बात को ध्यान में रखते हुए, जब एक्‍सपर्ट दबाव बिंदुओं पर एक बीज डालते हैं और रगड़ते हैं, तो यह हमें जीवन देता है और बीमारी को दूर करता है। उदाहरण के लिए, मटर और काली मिर्च का प्रयोग आंखों, सिर, घुटने के जोड़ों और पीठ की समस्याओं से संबंधित बीमारियों से राहत प्रदान करने के लिए किया जाता है। जबकि गुर्दे के आकार की लाल बीन्स का उपयोग गुर्दे और पेट से संबंधित विकारों के इलाज के लिए किया जाता है। शार्प कार्नर वाले बीज शरीर पर पैथोलॉजिकल प्रभाव डालते हैं।

यह देखा जाता है कि उपचार के बाद बीज भी अपनी संरचना, आकार और रंग बदल देते हैं (वे नाजुक, फीके पड़ सकते हैं, बढ़ सकते हैं या आकार में कम हो सकते हैं, सिकुड़ सकते हैं, दरार हो सकते हैं या टुकड़ों में भी गिर सकते हैं)।

स्माइल मेडिटेशन या थेरेपी

यह भी सुजोक थेरेपी का हिस्‍सा है। इस मेडिटेशन का उद्देश्य हमारे मन, शरीर और आत्मा पर पड़ता है। इस थेरेपी के जरिये व्यक्ति की हेल्थ के साथ आत्मविश्वास सही रहता है। वो किसी भी काम को करने की क्षमता बढ़ जाती है। साथ ही बच्चे शिक्षा के मार्ग में सफलता हासिल करते हैं। क्योंकि इससे ध्यान एकाग्रचित होता है। ये थेरेपी मुस्कुराहट को बढ़ाने के साथ, सकारात्मकता भी बढ़ाती है। जो दूसरों के लिए मददगार हो सकता है।

थेरेपी में हैं कई तरह के टूल्स

सुजोक थेरेपी में बहुत से टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसे एक्यूप्रेशर के लिए इस्तेमाल में लाया जाना वाला टूल भी कहते हैं। इसके टूल से स्टिम्युलेट करने के बाद मसाजर के जरिये इलाज शुरू किया जाता है। अगर शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द है या ब्लॉकेज है तो इस थेरेपी को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

ये सुजोक थेरेपी से जुड़ी कुछ ऐसी बाते हैं, जिन्हें जानना बेहद जरूरी है। सुजोक आज के समय में सबसे असरदार, सस्ती और सरल थेरेपी में से एक है जो प्राकृतिक तरीके से आराम देती है। इस थेरेपी को हर उम्र के लोग ले सकते हैं। जिसका कोई भी नुकसान नहीं है।

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