आप साइनस से हैं पीड़ित, तो प्रतिदिन करें कुबेर मुद्रा, होगा लाभ

साइनस एक कफजनित रोग है। कफ, जल और पृथ्वी तत्व के मिलने से बनता है। अगर इन दोनों तत्वों को संतुलित कर दिया जाए तो साइनस से मुक्ति मिल सकती है।

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Written By: Anshumala | Published : September 21, 2018 11:59 PM IST

नाक, मस्तिष्क व आंखों के अंदरूनी भाग में बची थोड़ी खोखली जगह को साइनस कहते हैं। साइनस के मार्ग के रुकने पर बलगम निकलने में परेशानी होती है, इसे 'साइनोसाइटिस' कहते हैं। आमतौर पर साइनस की समस्या का मुख्य कारण धूल और प्रदूषण होता है, लेकिन बदलते मौसम से भी साइनस की समस्‍या काफी बढ़ जाती है। जरूरी सावधानियों को अपनाकर आप इस समस्‍या से बच सकते हैं। इसके लिए आपको साइनस के लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। आज साइनस बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम बनती जा रही है। सही इलाज कराने से इससे पूरी तरह से राहत मिल सकती है। योग में कुछ मुद्राएं भी हैं, जो साइनस की समस्या को दूर करने में सहायक साबित हो सकती हैं। इन्हीं मुद्राओं में से एक मुद्रा है कुबेर मुद्रा

क्या है साइनस

भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान, मुरथल (सोनीपत) की योगाचार्य डॉ. आकांक्षा मुंजाल कहती हैं कि साइनस एक कफजनित रोग है। कफ, जल और पृथ्वी तत्व के मिलने से बनता है। अगर इन दोनों तत्वों को संतुलित कर दिया जाए तो साइनस से मुक्ति मिल सकती है। कुबेर मुद्रा इसमें बहुत उपयोगी है। थोड़े समय तक रहने वाले साइनस को गंभीर (एक्‍यूट) साइनस कहते हैं। गंभीर साइनस आमतौर पर सर्दी या एलर्जी के कारण होता है लेकिन साइनस के लक्षण सात से आठ सप्‍ताह या इससे भी अधिक रहे, तो यह क्रोनिक साइनस कहलाता है। इसे भी पढ़ें- उच्च रक्तचाप करना है नॉर्मल, तो करें ”हाइपरटेंशन मुद्रा”

Kubar mudra for sinus कुबेर मुद्रा का अभ्यास प्रतिदिन करने से साइनस में मिलती है राहत।

कैसे करें कुबेर मुद्रा

यह मुद्रा लगाकर गहरी-लम्बी सांस ली जाए तो साइनस में जमा श्लेष्मा (Mucus) दूर हो जाता है और साइनसाइटिस के कारण होने वाला सिरदर्द या सिर का भारीपन भी समाप्त हो जाता है। इस मुद्रा से बंद नाक खुल जाती है और नैजल स्प्रे करने की जरूरत नहीं रह जाती है। सबसे पहले अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा के शीर्ष को मिलाएं। अनामिका तथा कनिष्ठा को मोड़कर हथेली से लगा लें। इसे भी पढ़ें- पेट की समस्या हैं परेशान, तो राहत दिलाएगी गरुड़ मुद्रा

कितनी देर करें

कुबेर मुद्रा का अभ्यास आप प्रतिदिन कर सकते हैं। इसे 15-15 मिनट तीन बार करेंगे तो फर्क जरूर नजर आएगा।

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