चेहरे पर अचानक सूजन आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? कहीं कोई गंभीर समस्या तो नहीं

Facial Swelling: हमारा शरीर कई बार हेल्थ से जुड़े बहुत जरूरी संकेत दे रहा होता है, जिन्हें हम उन्हें इग्नोर कर देते हैं। कई बार हम लक्षणों को पहचान नहीं पाते तो कई बार पहचानने के बाद भी उन्हें इग्नोर कर दिया जाता है और चेहरे की सूजन इनमें से एक है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : February 23, 2026 5:57 PM IST

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Medically Verified By: Dr Ashish Mehrotra

What Could be the Reason of Sudden Facial Swelling: कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी बीमारियों के कुछ शुरुआती लक्षण बहुत साधारण होते हैं और हम उन्हें शुरुआत में इग्नोर करते रहते हैं। जब वे लक्षण बढ़ कर गंभीर बीमारी का रूप ले लेते हैं, तब हमें लगता है कि हमने गलती से इन आम लक्षणों को लंबे समय तक इग्नोर कर दिया है। चेहरे पर अचानक सूजन आना ऐसा ही एक संकेत है और कई बार लोग इस लक्षण को भी इग्नोर कर देते हैं। सुबह के समय कई बार कुछ लोगों को चेहरे में अजीब सूजन महसूस होती है, लेकिन वे इसे भी इग्नोर कर देते हैं। कानपुर के प्रसिद्ध अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट - इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर डॉ. आशीष मेहरोत्रा ने इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी और बताया कि आखिर क्यों चेहरे में सूजन जैसे इन लक्षणों को इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।

चेहरे पर अचानक सूजन (Facial Swelling) आना कई बार सामान्य कारणों से होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। सूजन हल्की हो सकती है, जैसे केवल आंखों के आसपास पफीनेस, या फिर पूरे चेहरे, होंठ और पलकों तक फैल सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है।

Dr. Ashish Mehrotra, Consultant - Internal Medicine and Critical Care, Apollo Spectra Hospital Kanpur

एलर्जी सबसे आम कारण

चेहरे पर अचानक सूजन आने का सबसे सामान्य कारण एलर्जिक रिएक्शन होता है। जब शरीर किसी बाहरी पदार्थ, जैसे नई दवा, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, हेयर डाई, परफ्यूम, धूल-मिट्टी, कीड़े के काटने या किसी विशेष खाद्य पदार्थ को हानिकारक समझ लेता है, तो इम्यून सिस्टम एक्टिव होकर हिस्टामिन जैसे केमिकल रिलीज करता है। यही हिस्टामिन त्वचा के नीचे सूजन, लालिमा और खुजली पैदा करता है। अक्सर यह सूजन आंखों की पलकों, होंठों और गालों के आसपास ज्यादा दिखाई देती है और अचानक कुछ मिनटों या घंटों में बढ़ सकती है। यदि सूजन के साथ खुजली, लाल चकत्ते (रैशेज), त्वचा पर जलन, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न या गले में सूजन महसूस हो, तो यह एंजियोएडेमा या एनाफिलेक्सिस (एक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। बार-बार होने वाली एलर्जी की स्थिति में एलर्जी टेस्ट करवाकर कारण की पहचान करना और ट्रिगर से बचाव करना सबसे सुरक्षित उपाय है।

दांत, मसूड़े या साइनस का संक्रमण

अगर चेहरे की सूजन एक ही तरफ हो और उसके साथ दर्द, दबाव या जकड़न जैसा महसूस हो, तो यह दांत या मसूड़ों के इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। दांत में कीड़ा लगने, रूट इंफेक्शन या मसूड़ों में पस (घाव के कारण) बनने पर बैक्टीरिया आसपास के ऊतकों में फैल सकते हैं, जिससे गाल या जबड़े के हिस्से में सूजन आ जाती है। कई बार इस सूजन के साथ तेज दर्द, चबाने में परेशानी और हल्का बुखार भी हो सकता है। इसी तरह साइनसाइटिस (साइनस का संक्रमण) होने पर आंखों के नीचे, गालों और माथे के आसपास भारीपन, दबाव और सूजन महसूस हो सकती है। झुकने पर दर्द बढ़ना, नाक बंद रहना, सिरदर्द और गाढ़ा कफ आना इसके सामान्य लक्षण हैं। ऐसी सूजन को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, क्योंकि अगर इलाज न किया जाए तो इंफेक्शन फैलकर गंभीर रूप ले सकता है। अगर दर्द बढ़ रहा हो, बुखार हो या सूजन तेजी से फैल रही हो, तो तुरंत दंत चिकित्सक या ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

किडनी की बीमारी

अगर सुबह उठते ही आंखों के नीचे सूजन (पफीनेस) दिखाई दे और दिन चढ़ने के साथ-साथ पैरों, टखनों या हाथों में भी सूजन महसूस हो, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पा रही हा यानी किडनी से जुड़ी कोई समस्या है। किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालना है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिसे फ्लूइड रिटेंशन कहा जाता है। इसके साथ पेशाब में बदलाव (कम पेशाब आना या झागदार पेशाब), थकान और ब्लड प्रेशर बढ़ना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। ऐसी स्थिति में यूरिन और ब्लड टेस्ट कराना जरूरी होता है।

थायरॉयड और हार्मोनल बदलाव

हाइपोथायरॉयडिज्म यानी थायरॉयड हार्मोन की कमी में चेहरा हल्का सूजा हुआ, फूला-फूला और त्वचा रूखी दिखाई दे सकती है। यह सूजन किडनी की बीमारी के दौरान होने वाली सूजन से अलग होती है, यानी इस सूजन को अगर उंगली से दबाया जाए तो उसमें गड्ढा नहीं बनता है (नॉन-पिटिंग एडिमा)। इसके साथ वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना और सुस्ती जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। महिलाओं में पीरियड्स से पहले (PMS) या गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में पानी रुक सकता है, जिससे चेहरे, हाथों और पैरों में हल्की सूजन दिख सकती है। यह आमतौर पर अस्थायी होती है और हार्मोन असंतुलित होने पर कम हो जाती है।

लाइफस्टाइल से जुड़े कारण

सिर्फ बीमारियों के कारण ही नहीं बल्कि हमारी लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ कारण भी हो सकते हैं, जिनके कारण चेहरे में सूजन आने लग सकती है। अधिक नमक खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है, जिससे सुबह के समय चेहरे पर सूजन दिख सकती है। देर रात तक जागना, नींद की कमी और अत्यधिक शराब का सेवन भी चेहरे को पफी बना सकता है। डिहाइड्रेशन (कम पानी पीना) की स्थिति में भी शरीर पानी बचाकर रखने की कोशिश करता है, जिससे अस्थायी सूजन हो सकती है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सही पानी का सेवन इस तरह की सूजन को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।

कब समझें कि मामला गंभीर है?

चेहरे की सूजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर तब जब यह अचानक और तेजी से बढ़ने लगे। यदि सूजन होंठों, जीभ या गले तक फैल जाए और सांस लेने, बोलने या निगलने में दिक्कत होने लगे, तो यह गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है और ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

इसके अलावा, सूजन के साथ तेज बुखार, अत्यधिक दर्द, आंखों के आसपास लालिमा, पस बनना या दृष्टि में बदलाव दिखाई दे, तो यह गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। अगर सूजन 48 घंटे से अधिक समय तक बनी रहे, बार-बार लौटकर आए या शरीर के अन्य हिस्सों- जैसे पैरों, हाथों या पेट में भी दिखाई दे, तो यह किडनी, थायरॉयड या किसी अन्य आंतरिक समस्या से जुड़ी हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। हल्की सूजन में नमक कम करना, पर्याप्त पानी पीना और ठंडी सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड या अन्य दवाएं लेना नुकसानदेह हो सकता है। जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट या एलर्जी टेस्ट करवाकर सही कारण की पहचान करना जरूरी है, ताकि समय रहते उचित और सुरक्षित उपचार शुरू किया जा सके।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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