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Written By: Anshumala | Updated : June 22, 2021 12:19 PM IST
Many young people struggling to cope with loneliness and isolation of being confined to their homes.
Corona Pandemic & Mental Health in Hindi: पिछले दो वर्ष से लोग कोरोना की कहर से जूझ रहे हैं। कोरोना महामारी (corona pandemic) में अब तक दुनिया भर में कोरोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना की इस दूसरी लहर में देश में भी इस बार कई लोगों की जानें चली गईं। लोगों में कोरोना का डर इतना अधिक बैठ गया है कि मानसिक समस्याएं (mental problems) सामने आने लगी हैं। लोग तनाव ग्रस्त रहने लगे हैं। घर-परिवार, नौकरी जाने, आर्थिक तंगी आदि की चिंता सताने लगी है। बाहर ना जा पाने के कारण लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। चौबीसों घंटे घर में बंद रहना, आस-पड़ोस, दोस्तों, रिश्तेदारों से ना मिल पाने के कारण लोगों का मन उदास रहने लगा है। घर से ऑफिस का काम करने में भी समस्याएं हो रही हैं। इन सभी कारकों से ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health during corona pandemic) पर भी बुरा असर पड़ा है।
हालांकि, अच्छी बात ये है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर (Corona pandemic second wave) पहले से थोड़ी कम हुई है। नए मामलों में काफी गिरावट दर्ज की गई है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि जब से महामारी की शुरुआत हुई है दुनियाभर के अधिकांश लोगो में चिंता (Anxiety) और अवसाद (Depression) के कई मामले सामने आए हैं। सिंगापुर में ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल के शोधकतार्ओं के अनुसार, कोरोना के समय में तीन समूह- महिलाएं, युवा और निम्न सामाजिक व आर्थिक स्थिति वाले व्यक्ति विशेष रूप से प्रभावित (Corona Pandemic & Mental Health in Hindi) हुए हैं।
वर्तमान समय की बात करें, तो अभी भी दुनिया में लोग चिंता, अवसाद की स्थिति का सामना कर रहे हैं। लोगों में पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा असहजता, बेचैनी, घबराहट बढ़ी है। लोगों के मन में डर बैठ गया है कि कहीं वे भी ना कोरोना से संक्रमित हो जाएं। अपने प्रियजनों की सेहत, उन्हें खोने का डर, आर्थिक तंगी, नौकरी जाने का डर, अस्थिर दिनचर्या जैसी बातों को लेकर भी चिंता घर कर रही है।
अध्ययन में कहा गया है कि अधिक तनाव और चिंता बढ़ने से इम्यून सिस्टम भी प्रभावित होती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इससे आप कोरोनावायरस की चपेट में आसानी से आ सकते हैं, क्योंकि कमजोर इम्यून होने से आपका शरीर इस वायरस के खिलाफ लड़ने में सफल नहीं हो पाएगा। साथ ही अन्य शारीरिक बीमारियों के भी होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
कोरोनावायरस के चलते चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन इन्हें मैनेज करना भी बहुत जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर नहीं बनाकर रखेंगे, तो आपके लिए ही नुकसानदायक होगा। जिंदल स्कूल ऑफ साइकोलॉजी एंड काउंसलिंग (जेएसपीसी) सोनीपत ने मानसिक समस्याओं को खत्म करने के लिए एक लक्ष्य बनाया है। जेएसपीसी ने कोविड-19 संबंधी अवसाद और चिंता को दूर करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य (Tips to deal with mental problem) में सुधार लाया जा सकता है।
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