
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 22, 2026 4:58 PM IST
How Does Lack of Sleep Affect Your Decision Making: आपने अक्सर अपने बड़ों को कहते जरूर सुना होगा कि “अगर पूरी नींद नहीं लोगे तो बीमार पड़ जाओगे” लेकिन क्या कभी यह कहते हुए सुना है कि “अगर पूरी नींद नहीं लोगे तो गलत फैसले लेने लगोगे या फिर अगर पूरी नींद नहीं लोगे तो डिसीजन सही नहीं ले पाओगे?” ऐसा तो शायद किसी किसी बड़े बुजुर्ग ने कहा होगा और अगर कहा भी होगा तो सुनने वाले को समझ नहीं आया होगा। लेकिन यह पूरी तरह से सच है और इस पर हुई स्टडी के आधार पर हम ये साबित भी कर सकते हैं। क्योंकि यह नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए ही बहुत ज्यादा जरूरी है, दिस दौरान हमारा शरीर खुद को अगले दिन के लिए तैयार करता है। अगर आप पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो अगले दिन आपका शरीर थका हुआ महसूस होगा और उसमें काम करने की क्षमता नहीं होगी। उसी प्रकार अगर अगले दिन आपका दिमाग भी थका हुआ महसूस करेगा और सोचने व समझने की क्षमता कम होगी। लेकिन स्टडी के आधार पर जानते हैं कि कैसे पर्याप्त नींद न लेने से आपकी डिसीजन लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
मई 2015 में वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी (WSU) द्वारा यह रिसर्च की गई, इस स्टडी को Oxford Academic द्वारा पब्लिश किया गया। इस स्टडी में 26 लोगों को लिया गया और उन्हें दो ग्रुप में बांट दिया। उनमें से एक ग्रुप को लगातार 62 घंटे तक जगा कर रखा गया, जबकि दूसरे ग्रुप के लोग सामान्य रूप से अपनी नींद ले रहे थे। उसके बाद सभी को कुछ टास्क दिए गए और पाया गया है कि जिन लोगों को जगा कर रखा था वे गलतियों से भी नहीं सीख पा रहे हैं और बार-बार गलतियां कर रहे हैं।
आजकल पूरी नींद लेना तो मानो एक लग्जरी जीवन जीने जैसा हो गया है, क्योंकि हर कोई इतना बिजी है, किसी को भी अपने काम से फुर्सत नहीं है। वहीं रात के समय भी लोग सोने की बजाय देर रात तक फोन में लगे रहते हैं और इसके कारण नींद लगातार प्रभावित होती जा रही है। पर्याप्त नींद न लेने के कारण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ रहा है।
अगर आप लंबे समय से पर्याप्त नहीं नहीं ले रहे हैं और आपके शरीर में नींद की कमी है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी सिर्फ डिसीजन मेकिंग क्षमता ही प्रभावित हो रही है। बल्कि इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है जैसे -
जिस तरह से आप अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार आपको अपनी स्लीप हेल्थ का ध्यान भी रखना होगा। अपनी नींद का शेड्यूल सही करें, रोजाना एक ही समय पर सोएं और उठें। सोने से 2 घंटे पहले ही खाना खा लें। सोने से कम से कम 4 घंटे पहले चाय-कॉफी न पिएं। रात के समय हल्का खान लें और ज्यादा पानी या अन्य कोई ड्रिंक न लें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.