Food Poisoning In Kerala: चिकन खाने के बाद केरल में एक लड़की की मौत, गर्मियों में बढ़ सकता है फूड पॉइजनिंग का रिस्क,बरतें खान-पान से जुड़ी ये सावधानियां

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या अधिक बढ़ जाती है क्योंकि, गर्मियों में बैक्टेरिया के सम्पर्क में आने के कारण भोजन जल्दी खराब हो जाता है।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 2, 2022 1:51 PM IST

Food Poisonings: केरल राज्य के कासरगोड में फूड पॉइजनिंग का गम्भीर मामला सामने आया है जहां, एक होटल से मंगाकर चिकन खाने से 16 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई। वहीं,  शुक्रवार, शनिवार और रविवार को एक ही रेस्तरां से खाना खाने वाले 31 अन्य लोगों को फूड पॉइजनिंग के बाद  अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इन सभी लोगों में खाद्य विषाक्तता या फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण देखने को मिले हैं। मिली जानकारी के अनुसार मृतक लड़की कन्नूर जिले के करिवल्लूर की रहनेवाली है और उसने एक स्थानिय रेस्तरां से शुक्रवार को 'चिकन शावरमा' खाया था।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं,  माकपा के वरिष्ठ नेता और शहरी मामले और आबकारी मंत्री एम.वी. गोविंदन ने आईएएनएस को बताया कि सरकार राज्यभर में सभी खाद्य दुकानों की जांच करेगी।

क्यों होती है फूड पॉइजनिंग ?

फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने की वजह से होने वाली बीमारी है।  फूड पॉइजनिंग की समस्याबासी, दूषित, ख़राब या सड़ा-गला भोजन खाने की वजह से होती है। इसी तरह बैक्टेरियल इंफेक्शन के कारण भी फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या अधिक बढ़ जाती है क्योंकि, गर्मियों में बैक्टेरिया के सम्पर्क में आने के कारण भोजन जल्दी खराब हो जाता है और इससे, फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ता है। आमतौर पर छोटे बच्चों और अधिक उम्र वाले लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा अधिक होता है।  फूड पॉइजनिंग होने पर इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं-

  • पेट में तेज दर्द और मरोड
  • डायरिया और दस्त
  • कमजोरी
  • बुखार और चक्कर आना
  • इन बातों का रखें ख्याल

फूड पॉइजनिंग से कैसे बचा जा सकता है?

  • हमेशा गर्म, ताज़ा, सादा, स्वच्छ और घर का बना खाना खाएं।
  • पकाए गए भोजन को बार-बार गर्म करके खाने से भी इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ता है इसीलिए, ऐसा भोजन ना खाए जो बहुत पहले से बनाया गया हो।
  • घर में जो भी पालतू जीव हों उन्हें अपने भोजन से दूर रखें।
  • बासी खाना ना खाएं।
  • अपने भोजन को हमेशा ढंककर रखें। गर्मियों में भोजन पकाने के बाद ठंडा करें और फिर उसे फ्रिड में रख दें। इससे भोजन खराब होने की संभावना कम होती रहेगी।
  • कच्चा भोजन जैसे सब्जियां, हरे मसाले, सूखे मसाले, तेल और नमक आदि को भी सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रयास करें।
  • बिस्किट, कुकीज और नमकीन या सूखे नाश्ते को खुला छोड़ने की बजाय उन्हें किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखें।
  • पैकेटबंद फूड्स की एक्सपायरी डेट चेक करें और कभी भी एक्सपायरी डेट के बाद की चीजें ना खाएं।
  • फ्रिज में गूंथा हुआ आटा अगर रख रहे हैं तो उसे उसी दिन इस्तेमाल कर लें।
  • रोटी बनाते समय बचा हुआ सूखा आटा फेंक है
  • पहले से कटे हुए फल और फ्रिज में रखा हुआ खाना खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह चेक करें। अगर भोजन का रंग बदल गया है, उसमें झाग दिखायी दे या बदबू आ रही है तो ऐसे फूड्स का सेवन ना करें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source