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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 13, 2019 10:53 AM IST
इससे मानसिक क्षमताओं में वृद्धि होती है। यह मस्तिष्क में एड्रिकनेलिन निर्माण में सहायक है, जिससे आपकी ऊर्जा का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ©Shutterstock
अभी तक यह माना जा रहा था कि तनाव (Stress effect) और चिंता हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालते हैं। पर अमेरिका में हुए एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है कि तनाव (Stress effect) और चिंता दोनों ही हमारे लिए फायदेमंद हैं। पर तभी तक जब हम इन्हें मैनेज कर पाएं। सीमा से अधिक बढ़ जाने पर तनाव और चिंता स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न करने लगती हैं। जबकि अगर यह संतुलित स्तर पर हों तो यह हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
अमेरिका में हाल ही में हुए एक शोध में मनोवैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि अगर तनाव (Stress effect) और चिंता, संतुलित स्तर पर रहें तो यह हमारे लिए लाभदायक हो सकती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ज्यादातर लोगों को तनाव तभी होता है जब वे अपनी क्षमता के अंतिम किनारे पर होते हैं। इसके बाद आपका तनाव आपको बेहतर करने के लिए प्रेरित करता हैं। वहीं अगर आप इसे संभाल नहीं पाते हैं तो यह आपके लिए नकारात्मक परिणाम दे सकता है।
तनाव (Stress effect) शरीर में होने वाले हार्मोनल स्राव की प्रक्रिया है। इसे शरीर का प्राकृतिक अलार्म भी कहा जा सकता है। जों हमें आने वाली स्थिति या हालात के लिए ज्यादा सतर्क व सचेत कर देता है। आमतौर पर तनाव और चिंता को नकारात्मक अवधारणाओं के रूप में समझा जाता हैं। जबकि वे हमारे दैनिक जीवन में एक सहायक की भूमिका निभाते हैं।
अमेरिका की मनोवैज्ञानिक एवं अध्ययनकर्ता लिसा डामोर का कहना है कि ज्यादातर अमेरिकी अब तनाव (Stress effect) के बारे में सोचकर ही तनावग्रस्त होने लगते हैं। इसे सोचते हुए जब तक वे किसी मनोचिकित्सक तक पहुंचते हैं, तब तक वे तनाव और चिंता का स्तर इतना अधिक बढ़ा चुके होते हैं कि वह उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालने लगता है। जबकि यह हमें हमारी कम्फर्ट जोन से निकाल कर नई चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
संतुलित और छोटी अवधि का तनाव (Stress effect) सेहतमंद मस्तिष्क कोशिकाओं का निर्माण करता है और आपकी सजगता को बढ़ाता है। इससे मानसिक क्षमताओं में वृद्धि होती है। यह मस्तिष्क में एड्रिकनेलिन निर्माण में सहायक है, जिससे आपकी ऊर्जा का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। इस स्थिंति में आप अधिक ऊर्जावान होते हैं। साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को सक्रिय कर अवांछित तत्वों से भी हमारे शरीर की रक्षा करता है।
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