आपकी सेहत और मेमोरी दोनों खराब कर सकता है तनाव, इस तरह करें बचाव

तनाव से बचने का सबसे पहला और सबसे जरूरी तरीका है कि आप उन कारणों से खुद को दूर रखें, जिनके कारण तनाव होता है। हालांकि यह मुश्किल होगा पर कोशिश करें तो यह संभव हो सकता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 6, 2019 7:53 PM IST

हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई थी कि कभी कभी तनाव बहुत पॉजीटिव इफैक्‍ट भी डालता है। पर ऐसा एक लिमिट तक ही हो पाता है। सीमा से अधिक बढ़ जाने पर तनाव (Tips to get rid from stress) तन और मन की सेहत दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है।

कब होता है फायदेमंद

असल में तनाव (Tips to get rid from stress) का बहुत छोटा सा स्‍तर ही आपके लिए फायदेमंद बताया जाता है। जब आप अपनी कार्यक्षमता की सीमा पर होते हैं। ऐसे में वह आपको और बेहतर करने के लिए दबाव बनाता है। यह हर व्‍यक्ति में अलग-अलग होता है। कुछ लोगों में तनाव का यह स्‍तर कार्यक्षमता बढ़ा देता है। जबकि कुछ लोग इतने नर्वस हो जाते हैं कि अपनी मूल क्षमता के अनुसार भी प्रदर्शन नहीं कर पाते।

पहचानें तनाव के लक्षण

बार-बार सिर दर्द, बार-बार गुस्सा आना, ठीक से नींद न आना तनाव (Tips to get rid from stress) के सामान्‍य लक्षण हैं। आपका तनाव जब अपनी लिमिट को पार करने लगता है तो इससे आपके रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो सकते हैं। वजन घटना या बढ़ते जाना, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित न कर पाना, मूड स्विंग होना और हाइपरएक्टिव और ओवरसेंसिटिव हो जाना भी तनाव के बढ़ जाने के संकेत हैं। इसके बाद अवसाद यानी डिप्रेशन का जोखिम भी बढ़ जाता है।

इस तरह पहुंचाता है नुकसान

लंबे समय तक तनाव (Tips to get rid from stress) में रहने से यह इम्‍युनिटी और हॉर्मोंस पर असर पड़ता है। नतीजतन आपको ज्यादा बेचैनी होती है और आपका ध्यान लगना कम हो जाता है। इससे मेमोरी वीक होनी शुरू हो जाती है। इससे दिल और ब्लड वेसल्स से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। तनाव लंबे समय से परेशान कर रहा हो तो मस्क्युलोस्केलेटल सिस्टम, रेस्पिरेटरी सिस्टम, ओएसोफैगस बाउल मूवमेंट, नर्वस सिस्टम और रिप्रॉडक्टिव सिस्टम को प्रभावित करता है।

इस तरह करें तनाव से बचाव (Tips to get rid from stress)

तनाव से बचने का सबसे पहला और सबसे जरूरी तरीका है कि आप उन कारणों से खुद को दूर रखें, जिनके कारण तनाव होता है। हालांकि यह मुश्किल होगा पर कोशिश करें तो यह संभव हो सकता है।

  • पिछले अनुभवों को याद करते हुए उन अवसरों में फि‍र से लौटने से खुद को बचाएं।
  • अपने आहार पर खास ध्‍यान दें। कई बार विटामिन डी और के की कमी से भी अवसाद और तनाव में बढ़ोतरी हो जाती है।
  • शरीर में हीमोग्‍लोबिन और कैल्शियम की जांच करवाएं।
  • असहायता, निराशा, विफलता को भूलकर अपनी ताकत पर फोकस करें।
  • अपना बर्ताव बदलें, अवांछित चीजों के लिए ना कहना सीखें।
  • कामकाज में प्राथमिकताएं तय कर उन्हें निपटाने का प्रयास करें।
  • दोस्तों, परिवार के साथ अपनी बात साझा करें।
  • नियमित एक्सरसाइज, प्राणायाम और अच्छे खान-पान पर जोर दें।

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